मनासा। श्री आशुतोष यादव, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, मनासा, जिला-नीमच द्वारा अपने निर्णय में अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाने के लिये फर्जी मेडिकल के दस्तावेज बनवाने वाले पिता-पुत्र (1) अमरलाल पिता मथुरालाल मालवीय, उम्र-55 वर्ष व (2) दीपक पिता अमरलाल मालवीय, उम्र-37 वर्ष, दोनो निवासी-ग्राम बर्डिया, तहसील-मनासा, जिला नीमच को धारा 420 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास व 1000-1000 रूपयेे के अर्थदण्ड, धारा 467, 468, 120बी, 471 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 07-07 वर्ष के सश्रम कारावास व 1000-1000 रूपयें के अर्थदण्ड से दण्डित किया तथा फर्जी मेडिकल दस्तावेज बनाने वाले आरोपी (3) रोहित पिता बैजनाथ यादव, उम्र-33 वर्ष, आजाद नगर, जिला-भीलवाड़ा (राजस्थान) को धारा 420 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 5 वर्ष के सश्रम कारावास व 1000 रूपयेे के अर्थदण्ड तथा धारा 467, 468 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 07 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि एनडीपीएस के थाना मनासा के एक अपराध में आरोपी अमरलाल गिरफ्तार होकर न्यायिक अभिरक्षा में था, जिसको उसकी पत्नी के ईलाज हेतु माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश से अंतरिम जमानत पर 01 माह के लिये रिहा किया गया था।
आरोपी अमरलाल द्वारा फिर से अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाये जाने हेतु इस आधार पर माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में आवेदन लगाया गया था कि उसके पैर में एसीएल टीयर नाम की बीमारी व फ्रैक्चर हो गया हैं। आरोपी ने आवेदन के साथ मालू हॉस्पीटल, भीलवाड़ा में ईलाज के दस्तावेज, चिकित्सीय प्रमाण-पत्र, पांव में प्लास्टर चढ़े हुवे दो फोटो व उसके पुत्र आरोपी दीपक का इस संबंध में शपथ-पत्र भी न्यायालय में प्रस्तुत किया था। माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा आरोपी अमरलाल द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का वैरिफीकेशन किये जाने का आदेश दिया गया तथा वैरिफीकेशन होने तक आरोपी को अंतरिम जमानत प्रदान कि गई। आरोपी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का वैरिफिकेशन किये जाने पर समस्त दस्तावेज फर्जी होना पाये गये, जिस कारण माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर से आरोपी के विरूद्ध थाना मनासा में अपराध पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पता चला कि दोनो आरोपी पिता-पुत्र के द्वारा अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाये जाने के लिये ईलाज के फर्जी दस्तावेज बनवाये गये हैं। दोनो आरोपीगण को गिरफ्तार किया गया तथा पुछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि आरोपी अमरलाल को पुनः जेल न जाना पड़े इस उद्दैश्य से उन्होंने फर्जी दस्तावेज मालू हॉस्पीटल, भीलवाड़ा (राजस्थान) के नर्सिग स्टॉफ के कर्मचारी आरोपी रोहित यादव को 10000 रूपये लेकर बनवाये थे। इस आधार पर आरोपी रोहित यादव को गिरफ्तार किया गया तथा उसके संबंध में आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर अनुसंधान पूर्ण किया गया तथा अभियोग-पत्र मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक गुलाबसिंह चंद्रावत द्वारा सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराये गये व जेल नही जाना पड़े इसलिये अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाने के लिये फर्जी मेडिकल दस्तावेज बनाये जाने के अपराध को आरोपीगण विरूद्ध अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा अपराध की गंभीरता को देखते हुवे आरोपीगण कोे उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया।