उज्जैन । कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को प्रशासनिक संकुल भवन के सभाकक्ष में समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिंहस्थ 2028 महापर्व के अंतर्गत चल रहे एवं अन्य नियमित निर्माण कार्यों, जनसुरक्षा व्यवस्थाओं, समयावधि पत्रों, सीएम हेल्पलाइन एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में कलेक्टर सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय-सीमा वाले प्रकरणों का निर्धारित समयावधि के भीतर निराकरण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी समयावधि पत्र को लंबित नहीं रखा जाए तथा उनकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के लंबित समयावधि पत्रों की जानकारी दी तथा उनके निराकरण की कार्ययोजना प्रस्तुत की।
कलेक्टर सिंह ने लंबित मामलों पर विस्तृत चर्चा की तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ताओं को समय पर राहत उपलब्ध कराई जाए तथा प्रशासनिक कार्यों में तेजी और पारदर्शिता बरती जाए।सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने 50 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इन शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण किया जाए, ताकि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिल सके। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को अटेंड न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नोटिस जारी किया जाए। भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।कलेक्टर सिंह द्वारा किसान कल्याण वर्ष 2026 के सफल क्रियान्वयन के लिए चिन्हित जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सभी विभाग प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में विशेष रूप से संबल योजना पर जोर देते हुए निर्देश दिए गए कि योजना के अंतर्गत सभी पात्र हितग्राहियों का पंजीयन शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाए। बैठक में यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना से वंचित न रहे। उर्वरक वितरण की समीक्षा कर किसानों को आवश्यकता अनुसार समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।बैठक में कलेक्टर सिंह द्वारा कामधेनु योजना के अंतर्गत हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुँचाने में अपेक्षित लक्ष्य के विरुद्ध आशानुरूप प्रदर्शन नहीं पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की गई। कामधेनु योजना के क्रियान्वयन में खराब प्रदर्शन पर एलडीएम एवं डीडी वेटेनरी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।बैठक में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत सभी विभागों को दिए गए पौधारोपण लक्ष्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने लक्ष्यों के अनुसार समय-सीमा में पौधारोपण सुनिश्चित करें। रोपित पौधों की जानकारी वायुदूत पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करवाई जाए। अभियान को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें तथा नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में सिंहस्थ महापर्व 2028 के अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए भूमि अर्जन संबंधी लंबित मामलों की जानकारी संबंधित विभागों से ली गई।बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी द्वारा बताया गया कि 14 जुलाई 2026 से 31 अगस्त 2026 तक उज्जैन जिले सहित पूरे मध्य प्रदेश में ‘दस्तक अभियान’ चलाया जाएगा।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों में डायरिया, कुपोषण तथा अन्य गंभीर बीमारियों की शीघ्र पहचान कर उनका त्वरित उपचार सुनिश्चित करना है। कलेक्टर सिंह ने अभियान की सफलता के लिए निर्देश देते हुए कहा कि आशा कार्यकर्ता, एएनएम तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मिलकर घर-घर जाकर बच्चों का परीक्षण करें।बैठक में कलेक्टर सिंह ने कहा कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होने पर संबंधित तहसीलदार एवं एसडीएम तुरंत उच्चाधिकारियों एवं संबंधित विभाग प्रमुखों को सूचित करें। उन्होंने कहा कि सूचना में किसी भी प्रकार की देरी नहीं की जाए, ताकि घटना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था बनाए रखना, कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना और जनसमस्याओं का तुरंत निपटारा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सतर्क रहने और अपने-अपने क्षेत्र में पूरी सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर सिंह ने कहा कि विकास कार्यों सहित सभी योजनाओं का क्रियान्वयन अंतरविभागीय समन्वय के साथ किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर कोई समस्या उत्पन्न न हो और लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कुमट, एडीएम अत्येंद्र सिंह गुर्जर, अपर कलेक्टर शाश्वत शर्मा, समस्त एसडीएम एवं संबंधित विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।