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श्रावण में महाकाल दर्शन के नए नियम लागू, मंदिर में मोबाइल रहेगा बैन, पहले से ज्यादा भव्य होगी सवारी

Neemuch headlines July 13, 2026, 6:34 pm Technology

उज्जैन। उज्जैन में श्रावण-भादौ मास के दौरान भगवान महाकाल के दर्शन और सवारी को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। हर साल की तरह इस बार भी देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

कलेक्टर एवं  महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंप दी गईं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रावण शुरू होने से पहले हर व्यवस्था पूरी तरह तैयार हो जाए। महाकाल की सवारी में दिखेगी संस्कृति की झलक इस वर्ष भगवान महाकाल की पहली सवारी 3 अगस्त को निकलेगी, जबकि अंतिम शाही सवारी 7 सितंबर को होगी। श्रावण मास में चार और भादौ मास में दो सवारियां निकाली जाएंगी। इस बार हर सवारी को एक अलग थीम के आधार पर सजाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ मध्य प्रदेश और देश की सांस्कृतिक विविधता भी देखने को मिले।

श्रद्धालुओं को सवारी के बेहतर दर्शन कराने के लिए प्रत्येक सवारी के साथ पांच एलईडी रथ भी शामिल किए जाएंगे। इन एलईडी स्क्रीन के जरिए दूर खड़े श्रद्धालु भी आसानी से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा पूरे सवारी मार्ग पर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा दोनों में किसी तरह की कमी न रहे। महाकाल मंदिर में मोबाइल रहेगा प्रतिबंधित श्रावण मास के दौरान महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था को पहले से ज्यादा व्यवस्थित बनाया जाएगा। सामान्य दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का प्रवेश त्रिवेणी संग्रहालय की ओर से होगा, जबकि शीघ्र दर्शन के लिए गेट नंबर 1 और गेट नंबर 5 का उपयोग किया जाएगा। कांवड़ यात्रियों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। मंगलवार से शुक्रवार तक उन्हें विशेष मार्ग से प्रवेश मिलेगा, लेकिन शनिवार, रविवार और सोमवार को अत्यधिक भीड़ के कारण कांवड़ दलों को अनुमति नहीं दी जाएगी। इस बार सबसे बड़ा बदलाव मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के उपयोग पर रोक का फैसला है। प्रशासन का कहना है कि दर्शन के दौरान कई श्रद्धालु मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाने लगते हैं, जिससे लाइन की गति धीमी हो जाती है और पीछे खड़े लोगों को परेशानी होती है। सुरक्षा व्यवस्था भी इससे प्रभावित होती है।

इसी वजह से मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 15 स्थानों पर मेडिकल टीम, 24 घंटे एंबुलेंस सेवा, पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय और निर्बाध बिजली की व्यवस्था भी रहेगी। पुलिस और प्रशासन लगातार पूरे मार्ग का निरीक्षण करेंगे ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे तय नियमों का पालन करें और व्यवस्थाओं में सहयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप इस बार प्रयास रहेगा कि उज्जैन आने वाला हर श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के बाबा महाकाल के दर्शन कर सके और एक सुखद अनुभव लेकर अपने घर लौटे।

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