Latest News

महिला के खुले बालो की वजह बनी रामायण व महाभारत, वर्तमान में संस्कार व संस्कृति पर चिंता - पं. बलराम शास्त्री

गोपालदास बैरागी February 20, 2025, 7:21 pm Technology

भारतीय संस्कृति व संस्कारो के साथ ही गौ सेवा भी अत्यंत आवश्यक - विधायक मारू

कुकड़ेश्वर। केकई ने बाल खुले रखे तो रामायण हुई व द्रोपदी ने सिर की बाल खुले रखे तो महाभारत हुई। केकई ने मांगे दो वरदान भरत का राज अभिषेक व राम को 14 वर्ष का वनवास। कलयुग की छाया का असर है पुरुष वर्ग के मान सम्मान का प्रतीक शाफ़ा था, जो धीरे धीरे विलुप्त होता जा रहा है। आज शादियों में शाफ़ा बांधने की परंपरा महिलाओं द्वारा अपनाई जा रही है, हमारे संस्कार व संस्कृति वर्तमान में किधर जा रही है ये चिंताजनक है।

उक्त बात व्यास पीठ से कथावाचक पंडित बलराम कृष्ण शास्त्री (नौगांवा वाले) के मुखारविंद से ग्राम गुजरत में सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक किया जा रहा है। जिसमे 20 फरवरी को उपरोक्त बात व्यास पीठ के माध्यम से कही। भागवत कथा के दौरान राजा बलि, रामायण का दृष्टांत सुनाया वंही भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकी आयोजित की गई। कथा के अवसर पर मनासा विधान सभा क्षेत्र के विधायक अनिरुद्ध "माधव" मारू ने पहुंचकर व्यास पीठ को नमन करते हुए उपस्थित जन को भारतीय संस्कृति व संस्कारो को अपनाते हुए गौ सेवा करने का विशेष आग्रह किया है। वंही विधायक माधव मारू द्वारा "सीताराम सीताराम सीताराम कहिए। जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिए" भजन गाया गया जिस पर सभी भक्तजन थिरकने लगे।

सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा की पूर्णाहुति 22 फरवरी को होगी। आयोजन समिति व ग्रामवासियो ने क्षेत्रीय धर्मप्रेमी जन से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्मलाभ ले।

Related Post