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शासकीय भूमि पर कब्जा करने को लेकर दो पक्षों में कुश्तम पछाड़, पुलिस ने किया हवालात में बंद

भगत मागरिया February 17, 2025, 7:49 am Technology

चीताखेड़ा। लूट सके तो लूट की तर्ज पर,शासकीय भूमि पर कब्जा करने की मची होंडा होड़। हरनावदा पंचायत के मजरा गांव लक्ष्मीपुरा गांव से लगी शासकीय भूमि सर्वे नंबर 39/1 रकबा 9.375 पर जहां पशु घास चरते है,एक दबंग परिवार द्वारा धन और बाहूबल के दम पर ताबड़तोड़ अवैधानिक तरीके से लोहे के चद्दर का टीनशैड का निर्माण कर दिया। यह देख गांव के अन्य लोग भी शासकीय भूमि पर कब्जा करने लगे तो उन्हें कब्जा यह कहकर नहीं करने दिया कि इस जमीन पर सिर्फ मेरा अधिकार है मैं किसी को भी नहीं करने दूंगा। बस इसी मामले को लेकर आपस दोनों खेमे में कुश्तम पछाड़ शुरू हो गई, यह आपसी कुश्तम पछाड़ पुलिस थाना और तहसील तक पहुंच गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को के खिलाफ शांति भंग के मामले में मुकदमा दर्ज कर रात भर हवालात में रखा।

जिन्हें तहसीलदार के समक्ष पेश किया गया जहां उन्हें जमानत पर रिहा किया। हुआ यूं कि हरनावदा पंचायत का मजरा गांव लक्ष्मीपुरा के ही दबंग धन और बाहूबल के दम पर शासकीय भूमि पर अपना आधिपत्य स्थापित करने के उद्देश्य को लेकर बेधड़क चद्दर का टीनशैड खड़ा कर दिया। यह देख गांव के कुछ लोग रोकने गए कि यह जमीन शासकीय है और पूरे गांव के मांगलिक कार्य के लिए सुरक्षित रहने दो, कहने पर नहीं माना तो ग्रामवासी भी अपना -अपना कब्जा करने लगे। यह देख दबंग व्यक्ति द्वारा पूरी जमीन पर सिर्फ अपना आधिपत्य स्थापित करना चाहता है कहता है कि इस जमीन पर सिर्फ मेरा अधिकार है यह सब मेरी जमीन है। बस फिर क्या था एक ही जाति वर्ग के लोग आपस में लठ्ठ -भाटा और कुश्तम पछाड़ आ गये। घटना की सुचना जब पुलिस सहायता केंद्र चीताखेड़ा चौकी प्रभारी श्री सिंघावत को लगी तो अपनी पुलिस टीम को भेजा और सभी को थाने पर तलब किया।जब एक पार्टी थाने में आवेदन देकर वापस गांव जा रही थी और दूसरी पार्टी को पुलिस टीम थाने लेकर जा रही थी तब दबंग व्यक्ति द्वारा पुलिस की मौजूदगी में ही दलपत पुरा के पास रामझर महादेव घाटी पर बीच रास्ते में ही हाथापाई करने लगे। इनको तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठी चलानी पड़ी। फिर क्या था पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर शांतिभंग में मुकदमा दर्ज कर हवालात में बंद कर दिया। मामला तहसील जीरन में विचाराधीन है। शासकीय भूमि पर दबंग व्यक्ति द्वारा किया गया कब्जा हटाने हेतु ग्राम वासियों ने सामुहिक रूप से आवेदन तहसीलदार को दिया गया लेकिन जीरन तहसीलदार द्वारा अभी तक अवैधानिक रूप से किया गया कब्जा नहीं हटाया गया। तहसीलदार यशपाल मुजावदिया का कहना है कि मेरे सामने जमीन पर कब्जा करने का मामला नहीं बल्कि शांतिभंग का मामला आया था जिसमें दोनों पक्षों को जमानत पर रिहा किया गया। अगर शासकीय भूमि पर कब्जा करने का मामला है तो मैं इसकी जांच करवाता हूं।

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