नीमच। श्रीमान् विरेन्द्र सिंह राजपूत, प्रधान सत्र न्यायाधीश, जिला-नीमच द्वारा ट्रेन में फरियादी को चाय में नशीला पदार्थ पीलाकर उसको बेहोष करके मोबाईल व रूपयों की चोरी करने वाले आरोपी महेन्द्र पिता कजोड़ मीणा, उम्र-23 वर्ष, निवासी-मीणों की झोपड़ीया जेतपुरा, जिला-बुंदी (राजस्थान) को धारा 123 भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत 05 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5,000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 20.12.2024 को फरियादी प्रेम कुमार शर्मा, निवासी-भगवत नगर, मन्दसौर सुबह के लगभग 05:30 बजे मन्दसौर से चित्तौड़गढ़ जाने के लिये रेल्वे स्टषेन पर ट्रेन में जनरल कोच का टिकट लेकर बैठ गये। कोच में दो लड़के पहले से ही बैठे हुवे थे, जिसमें से एक लड़के ने दुसरे को कैंटीन से पानी की बोतल लाने के लिये कहा, जिस पर से दूसरा लड़का पानी और चाय लेकर कोच में वापस आया। एक लड़के ने फरियादी को भी चाय पीने के लिये आग्रह किया, किन्तु फरियादी ने मना कर दिया तो भी बहुत आग्रह किये जाने पर फरियादी ने चाय पी ली। फरियादी चाय पीने के बाद बेहोश हो गया, जिस कारण से वह बेहोशी की हालत में उदयपुर पँहुच गया तथा ट्रेन की वापसी के दौरान उसे चित्तौड़गढ़ में होष आया, तो देखा की उसका मोबाईल, पर्स और 3000 रूपये उसके पास नहीं मिले। उसने घटना की रिपोर्ट थाना जी.आर.पी., नीमच में की। इसके बाद आरोपी द्वारा फरियादी के मोबाईल से यूपीआई और एटीएम कार्ड के माध्यम से भी रूपये निकाले गये। विवेचना के दौरान सायबर सेल की सहायता से जी.आर.पी. पुलीस ने देवीलाल उर्फ देवा कंजर से फरियादी का चोरी गया मोबाईल जप्त किया गया, जिसने बताया कि उसको यह मोबाईल आरोपी महेन्द्र मीणा ने दिया था।
विवेचना के दौरान आरोपी महेन्द्र मीणा को गिरफ्तार किया गया तथा फरियादी से उसकी शिनाख्तगी की कार्यवाहीं करवाई गई। विवेचना के दौरान ही एक दुसरा आरोपी राजेन्द्र मीणा के फरार होने से विवेचना पूर्ण कर अभियोग-पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक श्री ईमरान खान द्वारा सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर आरोपी द्वारा फरियादी को नशीला पदार्थ देकर बेहोश करके चोरी किये जाने के अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया एवं आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक ईमरान खान द्वारा की गई।