नीमच । क्षीर धारा ग्राम योजना के तहत अर्न्तविभागीय समन्वय समिति की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश जिले के सभी 82 क्षीरधारा ग्रामों में एक-एक स्व सहायता समूहों का गठन कर इन समूहों के सदस्यों को उन्नत पशुपालन गतिविधियों से जोड़े।
पशुओं की समुचित देखभाल, पशु प्रबंधन पर पशुपालकों की जागरूकता कार्यशाला आयोजित की जाए। यह निर्देश कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में क्षीर धारा ग्राम योजना के तहत गठित अंर्तविभागीय समन्वय समिति की बैठक में पशुपालन गतिविधियों की समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, उप संचालक पशुपालन डॉ.राजेश पाटीदार सहित समिति के सदस्य, विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी एवं पशुपालन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर ने कहा, कि क्षीर धारा ग्राम योजना का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाना है। इसके लिए पशुओं में नस्ल सुधार, उन्नत चारा विकास, पशुओं का समुचित प्रबंधन, पशुशेड का निर्माणआदि बिंदुओं पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है। सभी विभाग समन्वित प्रयास कर उन्नत पशुपालन को बढावा देने का कार्य करें। कलेक्टर ने चारा विकास के लिए आंकलन कर पशुपालकों को मल्टीकट मल्टी इयर चारा बीज कीट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। पशुपालन विभाग की विभागीय गतिविधियों की समीक्षा में कलेक्टर ने निर्देश दिए, कि सभी गांवों में पशुपालकों के के.सी.सी.प्रकरण बनाने के लिए शिविरों का आयोजन किया जाए।
कोई भी पशुपालक के.सी.सी.के लाभ से वंचित ना रहे। कलेक्टर ने एक माह में एक हजार नवीन पशुपालकों को नवीन के.सी.सी.प्रदान करने और शतप्रतिशत पुराने के.सी.सी. का नवीनीकरण कर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश जिला सहकारी बैंक के श्री आर.पी.नागदा व उप संचालक पशुपालन को दिए है। कलेक्टर ने क्षीर धारा योजना के तहत चयनित सभी 82 ग्रामों में शतप्रतिशत पशुओं का टीकाकरण करवाने और शतप्रतिशत पशुपालकों को के.सी.सी.जारी कर इन गांवों को सेचुरेटेड करने के निर्देश भी दिए है। उन्होने वन क्षेत्र से लगे सभी गांवों में पशुओं का सर्वे करवाकर शतप्रतिशत पशुओं का टीकाकरण करवाने के निर्देश भी दिए है।