नीमच । जल निगम नीमच जिले के सभी स्कूलों और आंगनवाडी केंद्र भवनों में हर घर नल से जल योजना के तहत एक माह में नल कनेक्शन उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। कोई भी स्कूल, आंगनवाडी या बसाहट हर घर नल से जल के लाभ से वंचित ना रहे। यह निर्देश कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने जिला स्तरीय जल एवं स्वच्छता मिशन तहत संचालित कार्यो की समीक्षा बैठक में दिए। कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में सोमवार को आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, जल निगम महाप्रबंधक धीरेन्द्र बिजोरिया, लो.स्वा.या.विभाग के कार्यपालन यंत्री दीपेश वास्पत व अन्य जिला अधिकारी व समिति के सदस्य उपस्थित थे।
बैठक में जल निगम के महाप्रबंधक को निर्देश दिए, कि जिले के ऐसे मजरे टोले बसाहटे जो गांधी सागर समूह जल प्रदाय योजना के लाभ से वंचित है। उन सभी मजरों, टोलो, बसाहटों को सूचीबद्ध कर, वहां हर घर नल कनेक्शन के लिए प्रस्ताव तैयार कर लो.स्वा.या.विभाग के सचिव एवं जल निगम के प्रबंध संचालक को प्रस्ताव भेजे। बैठक में बताया गया, कि जिले के 377 स्कूलों, एवं 149 आंगनवाडी भवनों में नल कनेक्शन होना शेष है।
स्कूलों व आंगनवाडी केंद्रों में नल कनेक्शन का कार्य निरंतर जारी है। कलेक्टर ने निर्देश दिए, कि एक माह में शेष सभी शालाओं, आंगनवाडी केंद्रों में नल कनेक्शन उपलब्ध करवा दिया जाए। कलेक्टर चंद्रा ने रोड़ रेस्टोरेशन कार्य की प्रगति की समीक्षा में निर्देश दिए, कि अब तक जिले में किए गये रोड रेस्टोरेशन कार्य की ग्रामवार सूची उपलब्ध करवाए। इस सूची का पंचायतों से सत्यापन करवाया जाएगा, कि रोड़ रेस्टोरेशन का समुचित गुणवत्तापूर्ण कार्य हुआ है अथवा नही? कलेक्टर ने लो.स्वा.यां.विभाग एवं जल निगम को निर्देश दिए, कि वे हर ग्राम पंचायत में एक-एक वाल्वमेन, पम्प आपरेटर चयनित कर उसे योजना के संचालन का प्रशिक्षण दिलाए। बैठक में बताया गया, कि जिले में हाल ही में 18 नवीन नलकूप खनन के कार्य स्वीकृत किए गये है। जिन पर नलकूप खनन का कार्य प्रारंभ हो गया है। आगामी दिनों में 18 और नलकूप खनन का कार्य किया जावेगा। बैठक में लो.स्वा.यां.विभागों को बंद पडे 10-10 नलकूपों में रिचार्ज पिट संरचनाओं का निर्माण करने के निर्देश भी दिए गये। बैठक में कलेक्टर ने पंचायतों द्वारा जलकर संग्रहण की समीक्षा में निर्देश दिए, कि ग्राम पंचायतों को जलकर संग्रहण बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाए।
जलकर की वसूली की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होने जनपद सीईओ को निर्देश दिए, कि जिले में एक माह में जलकर संग्रहण 5 लाख रूपये से बढ़ाकर 10 लाख रूपये तक किया जाए।