नई दिल्ली। वियतनाम नाव हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, राहुल गांधी ने सरकार से की ये अपील Google पर MP Breaking को चुनें वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों से भरी एक स्पीडबोट पलट गई। दरअसल स्थानीय मीडिया के मुताबिक नाव हॉन मे रुत से अन थोई बंदरगाह की ओर जा रही थी, तभी तट से करीब 400 मीटर पहले हादसे का शिकार हो गई।
वहीं हादसे के बाद नाव में सवार सभी लोग समुद्र में गिर गए। बचाव दल ने तुरंत राहत अभियान शुरू किया जबकि भारतीय दूतावास ने भी स्थिति पर नजर रखते हुए कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया। वहीं शुरुआती जानकारी के अनुसार नाव में 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के 4 सदस्य सवार थे। दरअसल स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और अंतिम आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है और भारतीय अधिकारी लगातार वियतनाम प्रशासन के संपर्क में हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर हादसे पर गहरा दुख जताया है। दरअसल उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके प्रति उनकी संवेदनाएं हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वियतनाम में भारतीय दूतावास और भारतीय वाणिज्य दूतावास प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता कर रहे हैं। हादसे के बाद हनोई स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने अलग-अलग कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इन कंट्रोल रूम का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को सही जानकारी देना और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि भारत में मौजूद परिवार सीधे अधिकारियों से संपर्क कर सकें। राहुल गांधी ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया इस बीच कांग्रेस ने भी विदेश मंत्रालय से अपील की है कि लापता भारतीय पर्यटकों के परिवारों को हर जरूरी मदद उपलब्ध कराई जाए। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि प्रभावित परिवारों को पूरी जानकारी और सहायता मिलनी चाहिए। वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी और सरकार से राहत कार्यों में पूरी सक्रियता के साथ सहयोग करने की अपील की। फिलहाल भारतीय दूतावास की ओर से लगातार अपडेट जारी किए जा रहे हैं और सभी प्रभावित परिवारों से संपर्क बनाए रखा जा रहा है।