नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को ई-केवाईसी (e KYC) कराना अनिवार्य है। PM KISAN 2026: बजट के बाद जारी हो सकती है 22वीं किस्त की राशि, किसान जल्द पूरे कर लें ये काम, जानें अबतक की अपडेट प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है।
इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की 3 समान किस्तों में हर 4 महीने के अंतराल पर सीधे किसानों के बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) भेजी जाती है। इस योजना का लाभ उन किसानों को मिलता है, जिनका जमीन का विवरण पीएम किसान पोर्टल पर दर्ज है और जो भारत का नागरिक हो। 19 नवंबर 2025 को पीएम नरेंद्र मोदी ने योजना की 21वीं किस्त जारी की थी और अब किसानों को 22वीं किस्त का इंतजार है। कब आएगी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त? प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के नियमानुसार, पहली किस्त अप्रैल-जुलाई के बीच, दूसरी किस्त अगस्त से नवंबर के बीच और तीसरी किस्त दिसंबर से मार्च के बीच जारी की जाती है। नियम के मुताबिक, 4 महीने के हिसाब से देखें तो 22वीं किस्त का समय फरवरी 2026 में पूरा होगा। हालांकि अभी फाइनल डेट को लेकर कोई आधिकारिक बयान या जानकारी सामने नहीं आई है। पिछले वर्षों की किस्तों के समय को देखें तो अधिकतर भुगतान फरवरी से मार्च के बीच ही किया गया है।
इसी पैटर्न के आधार पर संभावना जताई जा रही है कि बजट 2026-27 के बाद फरवरी-मार्च 2026 में कभी भी अगली किस्त जारी की जा सकती है। किस्त की तारीख केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी होने पर ही तय मानी जाएगी। 22वीं किस्त से पहले पूरे कर लें ये काम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को ई-केवाईसी (e KYC) कराना अनिवार्य है। जिन किसानों ने अबतक ई-केवाईसी नहीं कराई है, वे जल्द से जल्द करा लें, अन्यथा उनके खाते में किस्त की राशि नहीं आएगी। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा है कि बिना ई-केवाईसी के किसी भी किसान के खाते में किस्त का भुगतान नहीं होगा। किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर विजिट करके या आधिकारिक पोर्टल के जरिए भी ई-केवाईसी करवा सकते हैं। इसके अलावा भूलेखों का सत्यापन, बैंक खाता आधार से लिंक और फार्मर रजिस्ट्री का कार्य भी पूरा होना जरूरी है, अन्यथा किस्त के पैसे अटक सकते हैं। ये सभी कार्य ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से किए जा सकते हैं।