नीमच।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नीमच (ग्रामीण-2) के तत्वावधान में केंद्र की मोदी सरकार की तानाशाही नीतियों, बच्चों के साथ हुई मारपीट, पुलिस लाठीचार्ज और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आक्रोश रैली निकाली, धरना दिया, पुतला दहन किया और महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम की शुरुआत में नीमच ग्रामीण क्षेत्र के कांग्रेसजनों ने केंद्र सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वक्ताओं ने सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने और आम जनता की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया। प्रमुख वक्ताओं के संबोधन श्री तरुण बाहेती जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री तरुण बाहेती ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार तानाशाही पर उतर आई है और देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। बच्चों के लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे प्रदर्शन पर लाठीचार्ज करना और जनता की आवाज बनने वाले राहुल गांधी को गिरफ्तार करना इस सरकार के डर और बौखलाहट को साफ दिखाता है। कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक इस तानाशाही का विरोध करती रहेगी। श्री विनोद सिंह चौहान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्री विनोद सिंह चौहान ने कहा कि आज देश का युवा, छात्र और किसान भाजपा सरकार की नीतियों से त्रस्त हो चुका है। सरकार दमन और बल के प्रयोग से न्याय की आवाज को दबाना चाहती है, जिसे कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता कभी सफल नहीं होने देगा। श्री दिग्विजय सिंह अमलीखेड़ा जनपद सदस्य प्रतिनिधि श्री दिग्विजय सिंह अमलीखेड़ा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर देश के संविधान और लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। छात्रों और युवाओं पर अत्याचार किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। राहुल गांधी के नेतृत्व में देश का हर नागरिक इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है। इस विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम में मुख्य रूप से कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे जिस में मंडलम अध्यक्ष राजू माली, राकेश उपाध्याय एवं कांग्रेस कार्यकर्ता लक्ष्मीनारायण जी नागदा, प्रभुलाल जी, पंचायत अध्यक्ष रमेश जी चौधरी, विमल जी जैन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध ज्ञापन सौंपा गया और पुतला दहन किया गया।