कलेक्टर की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्न

Neemuch headlines July 23, 2026, 9:06 pm Technology

नीमच । कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के सभी राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर चंद्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रास्ता विवाद, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, परंपरागत रास्तों से जुड़े विवाद सहित अन्य सभी राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर मौके पर जाकर त्वरित एवं प्रभावी निराकरण किया जाए।

 ताकि आमजन को समय पर राहत मिल सके। कलेक्टर चंद्रा ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा उनके निराकरण में व्यक्तिगत रुचि लेने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम एवं तहसीलदार न्यायालयों में लंबित समय-सीमा (टीएल) प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि तीन एवं छह माह से अधिक समय से लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए। आगामी एक माह में कम से कम 85 प्रतिशत टीएल प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नामांतरण प्रकरणों में 85 प्रतिशत तथा बंटवारा प्रकरणों में 80 प्रतिशत निराकरण का लक्ष्य निर्धारित करते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सभी एसडीएम को अधीनस्थ न्यायालयों का नियमित निरीक्षण करने के लिए भी कहा। कलेक्टर चंद्रा ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई में प्राप्त राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों एवं आवेदनों का निराकरण राजस्व अमले द्वारा मौके पर पहुंचकर किया जाए। पटवारी एवं राजस्व अधिकारी दोनों पक्षों की उपस्थिति में रास्ता विवाद एवं अन्य भूमि संबंधी मामलों का यथासंभव स्थल पर ही समाधान सुनिश्चित करें। भूमि संबंधी विवादों के निराकरण के लिए पुलिस विभाग के समन्वय से विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने सीमांकन से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करते हुए सात दिवस के भीतर लंबित मामलों का मौके पर निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साथ ही रास्ता विवादों का भी समय-सीमा में निराकरण कर आदेशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के निराकरण का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी न्यायालय में तीन माह से अधिक अवधि का कोई भी राजस्व प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त सभी प्रकरण निर्धारित समय-सीमा में निराकृत किए जाएं। उन्होंने एसडीएम एवं तहसीलदारों को न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों का फील्ड स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने तथा संबंधित पटवारियों से नियमित अनुपालन प्रतिवेदन प्राप्त करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पटवारियों के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री में प्रविष्टियों की संख्या बढ़ाने एवं लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण कराने पर भी जोर दिया। बैठक में शासकीय भूमि के नक्शों के तरमीम कार्य, नक्शाविहीन गांवों के भौतिक सत्यापन, जिला अभिलेखागार में अनुपलब्ध नक्शों की जानकारी संकलित करने तथा राजस्व नक्शों को अद्यतन करने की प्रगति की समीक्षा की गई। मजरा-टोलों से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। कलेक्टर चंद्रा ने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा संभावित स्थलों का सर्वे कराने के निर्देश देते हुए कहा कि शासकीय रास्तों, तालाबों, श्मशान भूमि एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जहां भी अतिक्रमण पाया जाए, वहां नियमानुसार तत्काल कार्रवाई कर उसे हटाया जाए। बैठक में शासकीय भूमि से संबंधित उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में लंबित प्रकरणों, लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग एवं आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ से प्राप्त शिकायतों, वन एवं राजस्व भूमि सीमा विवाद तथा भू-अर्जन से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी प्रकरणों का शीघ्र एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश, एसडीएम नीमच पराग जैन, एसडीएम जावद संजीव साहू, एसडीएम मनासा सुश्री किरण आंजना, डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे, सुश्री श्रुति भयड़िया सहित जिले के सभी तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।

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