नीमच। दिनांक 20.07.2026 को कलेक्टर हिमांशु चंद्रा एवं सीईओ जिला पंचायत अमन वैष्णव की अध्यक्षता में जिला सडक सुरक्षा समिति मिटींग का आयोजन किया गया जिसमें पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास एवं रक्षित निरीक्षक सोनु बडगुर्जर थाना प्रभारी यातायात व समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे । जिला सडक सुरक्षा समिति मिटींग के दौरान अध्यक्ष महोदय द्वारा जिले में संचालित समस्त स्कुल बसों एवं स्कुली अन्य वाहनों के चालकों एवं परिचालकों का चरित्र सत्यापन कराये जाने के निर्देश दिये गये है । उक्त निर्देशों के तारतम्य में जिले में संचालित समस्त स्कुंल संचालक अपने स्कुल में संचालित बसों एवं स्कुली वाहनो के चालकों, परिचालकों का चरित्र सत्यापन संबंधित थानें से 07 दिवस में कराया जाकर चरित्र सत्यापन थाना यातायात पर जमा कराया जाना सुनिश्चित करे । तथा अपने वाहनों के समस्त दस्तावेज की प्रति एवं चालकों के लायसेंस की जानकारी मय सुची यातायात थाने पर जमा करवाये। आकस्मिक चैकिंग के दौरान स्कुसली बसों के चालकों एवं परिचालकों का चरित्र सत्यापन नही पाये जाने पर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी । समय सीमा का विशेष ध्यान रखे । भविष्य में स्कुली बस चालकों एवं परिचालकों का पुलिस चरित्र सत्यापन करने के उपरांत ही स्कुल बस में रखा जावे । वर्तमान में प्रदेश में संचालित स्कुली बसों के स्टॉफ द्वारा बच्चोंं पर अपराध घटित होने के मामले भी सामने आते है । स्कुली बसों के स्टॉफ द्वारा बच्चों पर कोई अपराध घटित होता है तो इसकी समस्त जिम्मेदारी स्कुल संचालकों की होगी, अत: अपने स्टाॅफ को इस संबंध में अवगत कराया जाना सुनिश्चित करे । चालकों एवं परिचालकों के पुलिस चरित्र सत्यापन कराये जाने के पश्चात अगर किसी चालक व परिचालक पर कोई आपराधिक रिकार्ड पाया जाता है तो ऐसे आपराधिक प्रव्रति के स्टॉफ को स्कुली बसों पर नही रखा जाये, यह भी सुनिश्चित करे । तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कुली वाहनों के संचालन के संबंध में जारी गाईड लाईन का पालन किया जाना सुनिश्चित करे । माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाईड लाईन निम्नाानुसार है- माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा डब्यू पी सी 130291985 एम सी मेहता विरूद्ध यूनियन ऑफ इण्डिया में जारी गाईड लाइन निम्नानुसार है –
1. बस का रंग एवं पहचान-
• स्कूल बस का रंग पीला (Yellow) होना चाहिए।
• बस के आगे और पीछे बड़े अक्षरों में "SCHOOL BUS" लिखा होना चाहिए।
• स्कूल का नाम एवं फोन नंबर बस पर अंकित होना चाहिए।
2. गति नियंत्रण-
• बस में स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए।
• अधिकतम गति 40 किमी/घंटा निर्धारित की गई है।
3. चालक (Driver) संबंधी प्रावधान
• चालक के पास कम से कम 5 वर्ष का भारी वाहन चलाने का अनुभव हो।
• चालक के विरुद्ध गंभीर यातायात अपराध या आपराधिक प्रकरण नहीं होना चाहिए।
• वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। Bangalore Mirror
4. परिचालक / अटेंडेंट- • प्रत्येक स्कूल बस में एक प्रशिक्षित अटेंडेंट या हेल्पर होना चाहिए।
• छोटे बच्चों की सुरक्षा एवं चढ़ने-उतरने में सहायता हेतु व्यवस्था हो।
5. सुरक्षा उपकरण- • प्राथमिक उपचार (First Aid Box) अनिवार्य।
• अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) अनिवार्य।
• आपातकालीन द्वार (Emergency Door) होना चाहिए।
• खिड़कियों पर सुरक्षा जाली/ग्रिल लगी होनी चाहिए।
6. बस का दरवाजा-
• बस में बंद होने वाला सुरक्षित दरवाजा होना अनिवार्य है।
• खुला दरवाजा रखकर बच्चों को ले जाना प्रतिबंधित है। सर्वोच्च न्यायालय ने विशेष रूप से इस पर बल दिया है।
7. बच्चों की सुरक्षा-
• बस में बच्चों के बैग रखने की अलग व्यवस्था हो।
• सीट क्षमता से अधिक बच्चों को नहीं बैठाया जाए।
• बच्चों के चढ़ने और उतरने के समय विशेष सावधानी बरती जाए।
8. CCTV एवं निगरानी- • कई राज्यों में CCTV कैमरे, GPS ट्रैकिंग एवं आपातकालीन संपर्क व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
9. फिटनेस एवं परमिट- • फिटनेस प्रमाण पत्र (Fitness Certificate): वाहन का तकनीकी रूप से ठीक होना और सड़क पर चलने योग्य होना अनिवार्य है।
• वैध परमिट (Valid Permit): स्कूल बस या परिवहन वाहन के पास संबंधित आरटीओ (RTO) द्वारा जारी किया गया वैध कमर्शियल या स्कूल बस परमिट होना जरूरी है।