नीमच। जिले के रामपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम बैंसला में मृत व्यक्ति का फर्जी वारिस बनकर करीब 2 हेक्टेयर कृषि भूमि हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भोपाल ने जांच के बाद सरपंच, सचिव, पटवारी, तत्कालीन तहसीलदार समेत 6 लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।
जांच में सामने आया कि ग्राम बैंसला निवासी भगवान मीणा ने मृतक केदार मीणा की जमीन हथियाने के लिए खुद को उसका पुत्र और एकमात्र वारिस दर्शाया। इसके लिए ग्राम पंचायत से फर्जी वारिसान प्रमाण पत्र तैयार कराया गया, जबकि पटवारी द्वारा गलत वंशावली और पंचनामा बनाया गया। बाद में तहसीलदार ने बिना वैध जांच के नामांतरण आदेश जारी कर दिया। EOW के अनुसार इस पूरे मामले में सरकारी पदों का दुरुपयोग करते हुए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए और वैध वारिसों को नुकसान पहुंचाकर आरोपी को लाभ पहुंचाया गया।
इन पर दर्ज हुआ मामला :-
▪️ भगवान मीणा
▪️ सरपंच प्रेमलता रावत
▪️ सचिव आनंद सक्सेना
▪️ तत्कालीन पटवारी अनुराग पाटीदार
▪️ तत्कालीन तहसीलदार बी.के. मकवाना
▪️ अन्य सहयोगी
लगी धाराएं :-
धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी रिकॉर्ड बदलने का यह मामला प्रशासनिक तंत्र पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।