नीमच। साहित्य, समाज एवं संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय संस्था कृति द्वारा प्रख्यात सुर साधिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित महान गायिका आशा भोसले के निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में उपस्थित सदस्यों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय संगीत योगदान को स्मरण किया। संस्था अध्यक्ष डॉ. अक्षय राजपुरोहित ने कहा कि आशा जी के निधन से सुरों का बाग जैसे वीरान हो गया है। किशोर जावेरिया ने कहा कि उनकी कला और आवाज सदैव अमर रहेगी। सत्येंद्र सक्सेना ने उन्हें आवाज के जादू का एक युग बताया। मंजुला धीर ने कहा कि उनकी आवाज ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी। ई. बाबूलाल गौड़ ने कहा कि उनकी मधुर आवाज और सुर सदैव अमर रहेंगे। रघुनंदन पराशर ने उनके गाए अमर गीतों को याद किया। राजेश जायसवाल ने कहा कि आशा जी को हमेशा याद किया जाएगा। डॉ. साधना सेवक ने कहा कि वे अत्यंत महान गायिका थीं और अपनी अमर गायकी के कारण सदैव जीवित रहेंगी। श्रीमती सविता चौधरी ने कहा कि उनके गीतों की मधुरता सदैव दिलों में गूंजती रहेगी। घनश्याम अम्ब ने इसे संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया। गणेश खंडेलवाल ने कहा कि भारतीय संगीत के लिए यह अत्यंत दुखद समाचार है। सभा में ईश्वर से प्रार्थना की गई कि दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करें। इस अवसर पर भरत जाजू, रघुनंदन पराशर, प्रकाश भट्ट, इंजी. बाबूलाल गौड़, कमलेश कुमार जायसवाल राजेश जायसवाल, जीवन कौशिक सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।