चैत्र शुक्ल दशमी तिथि प्रातः 08:45 बजे तक रहेगी, जिसके बाद एकादशी का आगमन होगा। आज चंद्रदेव कर्क राशि और पुष्य नक्षत्र में विराजमान रहेंगे, जिसके अधिपति देवगुरु बृहस्पति हैं। पुष्य नक्षत्र के प्रभाव से आज मन में परोपकार की भावना और धैर्य बना रहेगा। यह समय दूसरों की सहायता करने और अपने लक्ष्यों की ओर शांत मन से कदम बढ़ाने के लिए बहुत उत्तम है।
आज सुकर्मा योग का शुभ संयोग बना हुआ है, जो कार्यों में सफलता और मानसिक संतोष प्रदान करेगा। आज के दिन आपका परिश्रमी और न्यायप्रिय स्वभाव आपके व्यक्तित्व में निखार लाएगा। यदि मार्ग में कोई बाधा आए, तो उसे केवल एक सीख के रूप में देखें और अपनी सहजता बनाए रखें। किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए दोपहर 12:02 से 12:51 बजे तक का अभिजीत मुहूर्त श्रेष्ठ रहेगा।
सुबह के समय राहुकाल के दौरान सावधानी बरतना ठीक होगा।
महत्वपूर्ण विवरण:-
तिथि शुक्ल दशमी – प्रातः 08:45 बजे तक,
फिर एकादशी योग सुकर्मा – सायं 08:06 बजे तक करण गरज – प्रातः 08:45 बजे तक
करण वणिज – सायं 08:13 बजे तक सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय प्रातः 06:16 बजे
सूर्यास्त का समय सायं 06:37 बजे
चंद्रोदय का समय दोपहर 02:12 बजे
चंद्रास्त का समय प्रातः 03:55 बजे (29 मार्च) सूर्य और चंद्रमा की राशियां सूर्य देव: मीन राशि में स्थित हैं चन्द्र देव:
कर्क राशि में स्थित हैं
आज के शुभ मुहूर्त:-
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:02 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक अमृत काल प्रातः 08:35 बजे से प्रातः 10:09 बजे तक
आज के अशुभ समय:-
राहुकाल प्रातः 09:21 बजे से प्रातः 10:54 बजे तक
गुलिकाल प्रातः 06:16 बजे से प्रातः 07:49 बजे तक
यमगण्ड दोपहर 01:59 बजे से सायं 03:32 बजे तक
आज का नक्षत्र आज चंद्रदेव पुष्य नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
पुष्य नक्षत्र: सायं 02:50 बजे तक स्थान: 3°20’ कर्क राशि से 16°40’ कर्क राशि तक नक्षत्र स्वामी: शनिदेव राशि स्वामी: चंद्रदेव देवता: बृहस्पति (देवगुरु) प्रतीक: गाय का थन (पोषण का प्रतीक) या कमल सामान्य विशेषताएं: परोपकारी, दूसरों की देखभाल करने वाले, पोषण करने वाले, परिश्रमी, धैर्यवान, शांत स्वभाव, कानूनप्रिय, न्यायप्रिय, दार्शनिक, आध्यात्मिक और समाज सुधारक।