सरवानिया महाराज। नगर में गणगौर का पावन पर्व राणावत समाज द्वारा इस वर्ष भी पारंपरिक रीति-रिवाजों, आस्था और उल्लास के साथ बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। पर्व को लेकर महिला वर्ग में विशेष उत्साह नजर आया, जिसने पूरे आयोजन को भव्यता और आकर्षण से भर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत रावला चौक से हुई, जहां राणावत समाज की माताएं एवं बहनों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर भगवान शिव-पार्वती (ईसर-गौर) की मिट्टी से निर्मित आकर्षक प्रतिमाओं का विधिवत पूजन किया।
पूजन के दौरान माता गौरी का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसमें मेहंदी, सिंदूर, चूड़ियां एवं अन्य सुहाग सामग्री अर्पित की गई। पूजन में रोली, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, दूर्वा और चंदन का उपयोग कर विधिविधान से आराधना की गई तथा ‘गुने’ मिठाई का भोग अर्पित किया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने शुद्ध जल, दूध, दही, हल्दी एवं कुमकुम से ‘सुहाग जल’ तैयार कर ईसर-गौर को अर्पित किया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, दांपत्य जीवन की मंगलकामना एवं अखंड सौभाग्य की प्रार्थना की। पूजन उपरांत प्रतिमाओं को सुसज्जित रथ में विराजित कर गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों एवं मंगल गीतों के साथ भव्य बाड़ी निकाली गई। यह बाड़ी रावला चौक से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार, बस स्टैंड मार्ग सहित नगर के प्रमुख मार्गों एवं गलियों से होते हुए पुनः रावला चौक पहुंची।
बाड़ी के दौरान महिलाओं द्वारा पारंपरिक गणगौर गीत गाए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। गणगौर पर्व को महिलाओं का प्रमुख त्यौहार माना जाता है, जो वैवाहिक निष्ठा, प्रेम और समृद्धि का प्रतीक है। कार्यक्रम में विरेंद्र प्रताप सिंह राणावत (भय्यू बापू), राजेश प्रताप सिंह राणावत (फौजा बापू), रघुवीर सिंह, रघुवीर सिंह (सीआरपीएफ), योगेन्द्र सिंह (भय्यू), कानसिंह राणावत, अजय प्रताप सिंह राणावत, करण प्रताप सिंह राणावत, मयंक प्रताप सिंह, भूपेन्द्र सिंह, निक्की प्रताप सिंह सहित राणावत परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।