सरवानिया महाराज। विश्व हिंदू परिषद के सामाजिक समरसता विभाग, जिला नीमच (म.प्र.) के तत्वावधान में आयोजित सामाजिक समरसता संत यात्रा सोमवार प्रातः 9:30 बजे मोरवन होते हुए सरवानिया महाराज पहुंची। यात्रा के नगर आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। यात्रा में सुसज्जित रथ में रामदरबार, भोलेनाथ एवं गोमाता की आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। जैसे ही संत यात्रा नगर में पहुंची, विभिन्न समाजों के वरिष्ठजनों, धर्मप्रेमी नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा संत-महात्माओं का भव्य एवं श्रद्धापूर्ण स्वागत किया गया। संत यात्रा के नगर प्रवेश पर श्री काल भैरव मंदिर परिसर में संत-महात्माओं का पारंपरिक रीति से स्वागत किया गया। यहां संतों के सान्निध्य में बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें संत-महात्माओं ने समाज को समरसता, एकता और भाईचारे का संदेश दिया। संतों ने अपने आशीर्वचन में कहा कि समाज के सभी वर्गों को आपसी भेदभाव भुलाकर मिल-जुलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर महंत लालनाथ योगी, आसन दरियानाथ सिद्ध पीठ सुखानंद तीर्थ (रोड जावद) के आशीर्वचन प्राप्त हुए। वहीं क्षेत्र सामाजिक समरसता प्रमुख गोपाल सोनी (इटारसी) ने सामाजिक समरसता विषय पर बौद्धिक उद्बोधन देते हुए समाज में समानता, सद्भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके पश्चात संत यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई आगे बढ़ी। दरवाजा चौक पर धर्मप्रेमी नागरिकों द्वारा संतों का स्वागत किया गया। वहीं जावी चौराहा पर बीआरडी ग्रुप एवं गोरक्षा दल द्वारा संत-महात्माओं का जोरदार स्वागत करते हुए पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया गया। यात्रा आगे बढ़ते हुए बाबा रामदेव मंदिर पहुंची, जहां संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में देवास प्रांत सह सामाजिक समरसता प्रमुख शिवप्रसाद शर्मा, विश्व हिंदू परिषद विभाग मंत्री अनुपाल सिंह झाला, विभाग सत्संग प्रमुख शंकरसिंह, जिला मंत्री कैलाश मालवीय, जिला सहमंत्री राहुल पाटीदार, जिला विशेष संपर्क प्रमुख जगपाल फरक्या तथा बजरंग दल जिला सहसंयोजक विजेश वाल्मीकि सहित अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में केलाश पुरोहित, जयप्रकाश मालू, केलाश मालू, घीसालाल मकवाना, फकीरचन्द राठौर, चंद्रनारायण पालीवाल, रामदयाल सुथार, राजूलाल प्रजापत, सुरेश जाट, रामलाल राठौर, कारूलाल पाल, अर्जुन माली, दिनेश शर्मा, दिनेश मालू, हेमंत पुरोहित, शिवम पुरोहित, वरदीचंद धोबी, गोविंद पाल, पूनमचंद कहार, मुकेश राठौर, "पत्रकार दिनेश वीरवाल, बबलू माली, अनिल लक्षकार", सनन सेन, अनिल राठौर, विजय सिंह राणावत, अंतिम नागदा, आशीष शर्मा, राकेश परमार, सुरेश राठौर, रोशन कहार, जीतमल प्रजापत, राजूलाल कहार, राजू सालवी अजय वैध, किशोर धोबी, किशोर सेन, लक्ष्मीनारायण पाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजजन एवं विहिप कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजकों के अनुसार इस संत यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के बीच भाईचारा, समानता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। संतों के मार्गदर्शन में निकाली जा रही यह यात्रा विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर समाज में एकता, सद्भाव, धर्म एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता का संदेश दे रही है।