मंदसौर । कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक सुशासन भवन स्थित सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने आवश्यक निर्देश दिए। बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी निजी पानी सप्लायर अब पीएचई विभाग की अनुमति के पश्चात ही पानी की सप्लाई कर सकेंगे। बिना अनुमति के किसी भी प्रकार की पानी सप्लाई नहीं की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि पानी सप्लाई करने से पहले पानी की गुणवत्ता, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक मानकों की जांच कराना अनिवार्य होगा। खराब पानी सप्लाई करने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी।
सभी एसडीएम को पानी सप्लायर के साथ बैठक कर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने ग्रीष्मकाल को देखते हुए पेयजल व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों एवं जनपद सीईओ को पेयजल आपूर्ति की पूर्व योजना बनाकर नियमित समीक्षा करने को कहा। सभी सीएमओ को नई बसाहटों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नए पानी कनेक्शन के आवेदनों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। कॉलोनीवार जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी स्थानों पर पर्याप्त कनेक्शन उपलब्ध हों। साथ ही गर्मी के दौरान टैंकर व्यवस्था, पेयजल परिवहन, जल टंकियों एवं जल स्रोतों की नियमित सफाई भी सुनिश्चित की जाए। जल स्रोतों की जीआईएस मैपिंग करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य 1 अप्रैल से प्रारंभ होगा। इसके लिए सभी उपार्जन केंद्रों पर बारदान की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा बारदान आने पर सभी ब्लॉकों में समान रूप से वितरण किया जाए।
उपार्जन कार्य से जुड़े तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही उपार्जन केंद्रों की सूची भेजकर उनका सत्यापन करने को कहा गया। स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी नगर पालिका, नगर परिषद एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता गतिविधियां निरंतर चलती रहें। प्रत्येक ब्लॉक में 4 से 5 गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाए, जहां घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था सक्रिय रूप से संचालित हो।
ठोस कचरा प्रबंधन के लिए प्रोसेसिंग क्लस्टर भी विकसित किए जाएं। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विभागवार शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने और विशेष रूप से पेयजल से संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि ऐसे डॉक्टर जो ओपीडी में नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो रहे हैं, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
बैठक के अंत में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, एनसीडी कार्यक्रम तथा टीकाकरण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को कलेक्टर श्रीमती गर्ग द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत अनुकूल जैन सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।