मंदसौर । जिला जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक सुशासन भवन स्थित सभागृह में आयोजित की गई। बैठक में जनगणना-2027 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई एवं आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में जनगणना संयोजक एवं अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनगणना प्रभारी श्री अभिषेक सिंह ठाकुर एवं श्री अशोक चौबे द्वारा जनगणना संबंधी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक एवं पर्यवेक्षक घर-घर जाकर शासन द्वारा अधिसूचित 33 बिंदुओं की जानकारी संकलित करेंगे। द्वितीय चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। इसमें आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक गतिविधि, प्रवास एवं प्रजननता संबंधी जानकारी एकत्रित की जाएगी। यह जनगणना देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। आंकड़ों का संकलन मोबाइल एवं वेब आधारित एप्लीकेशन के माध्यम से किया जाएगा। संपूर्ण प्रक्रिया की रियल टाइम मॉनिटरिंग सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएमएस) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
नागरिकों को स्व-जनगणना हेतु ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके माध्यम से वे स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। डिजिटल जनगणना के लिए मकान सूचीकरण ऐप, जनगणना ऐप, स्वगणना पोर्टल, सीएमएमएस पोर्टल एवं हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर वेब मैप ऐप जैसे तकनीकी साधनों का उपयोग किया जाएगा। जनगणना अधिनियम 1948 एवं जनगणना नियम 1990 के अंतर्गत संकलित की गई। सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूर्णतः गोपनीय रहेंगी तथा किसी भी परिस्थिति में साझा नहीं की जाएंगी। यह जानकारी किसी भी प्रकार के साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकती है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करें।
प्रगणक, पर्यवेक्षक या कोई अन्य अधिकारी किसी भी प्रकार का ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी नहीं मांगेंगे। जनगणना-2027 के सफल क्रियान्वयन हेतु मास्टर ट्रेनरों द्वारा फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, तथा फील्ड ट्रेनरों द्वारा प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों को 3 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कार्य में संलग्न प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को शासन द्वारा मानदेय भी प्रदान किया जाएगा।