नीमच । नीमच जिले के जनपद पंचायत मनासा में तिलसोई नदी जो कि आमद से होकर ग्राम पंचायत चिकलीब्लॉक गुजरथ, गणेशपुरा, के गाँव से होकर गुजरती हुई गांधी सागर में मिलती है, वर्षा ऋतु में बहते हुए जल को रोकने और संचित करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि योजना के माध्यम से जिले में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रयास किए जा रहे है।
तिलसोई नदी के बहते हुए पानी को रोकने के लिए प्रधानमंत्री कृषि योजना 2.0 के तहत परियोजना क्रमांक 01 फुलपुरा में कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा एवं जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव के मार्गदर्शन में वाटरशेड टीम द्वारा तिलसोई नदी को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया में सर्वप्रथम यह सुनिश्चित किया गया, कि आसपास के क्षेत्रों में जलभरण क्षमता बढ़ाई जाए। साथ ही पानी के वेग तथा मृदा के अपरदन को कम कर, भूजल स्तर में बढ़ोतरी की जाए। इस आशय की पूर्ति के लिए सर्वप्रथम कुंडालियां, दांता, भगौरी पंचायतों में लगभग 32 हेक्टेयर बंजर एवं ढाल युक्त भूमि में कंटूर ट्रैच का निर्माण किया गया। जिससे कि पानी के वेग तथा मिट्टी कटाव में कमी आई। कंटूर के आस पास वृक्षारोपण, बबूल एवं खेर इत्यादि के बीजों का छिड़काव किया गया। जिसके फलस्वरूप बंजर भूमि हरितिमा से आच्छादित हुई हैं। तिलसोई नदी की सहायक नदियों पर चेक डैम निर्माण होने से भूजल स्तर में सुधार हुआ।
साथ ही पानी की लगातार आमद तिलसोई नदी में हुई, फलस्वरूप नदी में जल की मात्रा में बढ़ोतरी हुई है और ढोढर ब्लॉक, कुंडलियां, चिकली ब्लॉक से होते हुए कई ग्रामों के छोटे बडे लगभग 1500 किसानों को इसका प्रत्यक्ष रूप में लाभ मिलने से इन किसानों की आमदनी में इजाफा हुआ है।