उज्जैन। अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म घूसखोर पंडित का टीजर जैसे ही इंटरनेट माध्यम पर जारी हुआ, वैसे ही देश के विभिन्न हिस्सों में इसका विरोध शुरू हो गया।
जयपुर और दिल्ली के बाद अब उज्जैन में भी ब्राह्मण समाज ने फिल्म के शीर्षक को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। समाज के लोगों का कहना है कि फिल्म का नाम ब्राह्मणों की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है।
ब्राह्मण संगठनों का आरोप :-
अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के संस्थापक पं. महेश पुजारी ने फिल्म के शीर्षक को ब्राह्मण समाज का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि देश में ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज को अपमानित करने का चलन बढ़ता जा रहा है।
उनके अनुसार फिल्म के नाम में ही पुजारी, पुरोहित और ब्राह्मणों को गलत रूप में प्रस्तुत किया गया है। पं. महेश पुजारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि फिल्म का शीर्षक नहीं बदला गया तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
उन्होंने फिल्म निर्माताओं से नाम बदलने की मांग करते हुए नाराजगी जाहिर की।
उज्जैन के तीर्थ पुरोहितों ने भी जताई आपत्ति :-
उज्जैन के तीर्थ पुरोहित पं. अमर डब्बावाला ने भी फिल्म का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि फिल्म के माध्यम से पंडितों को अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस कृत्य को घोर निंदनीय बताया।
सेंसर बोर्ड से कार्रवाई की मांग :-
विरोध कर रहे लोगों ने सेंसर बोर्ड से भी हस्तक्षेप की मांग की है। पं. अमर डब्बावाला का कहना है कि समाज में वैमनस्यता फैलाने वाली फिल्मों पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सेंसर बोर्ड ऐसे शीर्षकों और विषयवस्तु पर गंभीरता से विचार करे, जिससे किसी भी समाज की भावनाएं आहत न हों। फिल्म घूसखोर पंडित प्रसारित होने से पहले ही लगातार विवादों में घिरती नजर आ रही है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विरोध और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।