सूचना के बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे पशु चिकित्सक, गौसेवकों ने अपने खर्च से किया उपचार
नीमच। सिटी रोड पर बालिका छात्रावास के पास एक गौवंश के गंभीर रूप से घायल मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। गौवंश की हालत देखकर एसिड अटैक की आशंका जताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही छात्रावास प्रशासन, गौसेवक और पुलिस मौके पर पहुंचे। घायल गौवंश का प्राथमिक उपचार कराया गया। जानकारी के अनुसार बालिका छात्रावास परिसर और आसपास के क्षेत्र में घूमने वाला एक गौवंश संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। शरीर पर गहरे जख्म थे और चमड़ी कटी हुई नजर आ रही थी। छात्रावास की वार्डन ज्योति यादव ने बताया कि गौवंश की हालत बेहद गंभीर थी। उन्होंने तुरंत गौसेवकों और पुलिस को सूचना दी। वार्डन का कहना है कि इससे पहले भी इस इलाके में गौवंश के घायल मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं
, जिससे किसी शरारती तत्व की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। सूचना मिलने पर गऊ नंदी सेवा धाम और शिव नंदी गौ रक्षा सेवा समिति से जुड़े गौसेवक मौके पर पहुंचे। गौसेवकों मितेश अहीर और दीपक रघुवंशी (हनी भाई) ने अन्य साथियों के साथ मिलकर घायल गौवंश की पट्टी की और उसे दर्द से राहत देने का प्रयास किया। गौसेवकों ने बताया कि जख्म देखने से ऐसा लग रहा था कि किसी रासायनिक पदार्थ से नुकसान पहुंचाया गया है। मौके पर मौजूद दिलीप छाजेड़ ने बताया कि घटना की जानकारी तुरंत पुलिस और पशु चिकित्सक को दी गई थी। पशु चिकित्सक के समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण गौसेवकों को ही प्राथमिक उपचार करना पड़ा। बाद में स्थिति को संभालने के प्रयास किए गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
लोगों का कहना है कि लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर दोषियों की पहचान की जाए। लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।