चीताखेड़ा। स्थानीय सरस्वती व नेहा हाई स्कूल में विगत 42 सालों से वार्षिकोत्सव मनाते आ रहे हैं हर वर्ष की भांति इस बार 43 वां वार्षिकोत्सव हर्षोउल्लास पूर्ण वातावरण में मंगलवार को कार्यक्रम में 27 कार्यक्रमों की रंग बिरंगे परिधानों में सजे विद्यालय के 103 छोटे-छोटे नन्ने मुन्ने छात्र-छात्राओं द्वारा अपने अभिनय संवाद और लोक लुभावन देश भक्ति, धार्मिक व शिक्षाप्रद नाटक एवं शिव तांडव नृत्य,पैरोडी, व देशभक्ति,राजस्थानी पारंपरिक फिल्मी गीतों पर एकल एवं सामूहिक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी, जिन्हें अभिभावकों एवं गांव के सैकड़ों दर्शकों ने बेहद सराहा। बच्चों की प्रस्तुतियों से उत्साहित होकर जिला शिक्षा अधिकारी सुजानमल मांगरिया ने नगदी राशि से पुरुस्कृत किया। स्कूली बच्चों ने मोबाइल के दुष्परिणामों पर युवा ,जवान,वृद्ध महिला-पुरुष को शिक्षाप्रद संदेश देने के लिए शानदार गीत की प्रस्तुति के माध्यम से बेहतरीन संदेश दिया, जो अभिभावकों के दिलों को छू लिया। सांस्कृतिक रंग मंच पर बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों पर कभी देशभक्ति तो कभी धार्मिक तो कभी करुणामय वातावरण निर्मित कर देते थे। वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक मंच पर गणेश वंदना..देवा हो देवा गणपति देवा........, गीत पर शानदार प्रस्तुति के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का श्री गणेश किया। इसी के साथ नर्सरी के यूकेजी , एलकेजी मासूम बच्चों ने मुझे इस दुनिया में माफ करना............, मुझे माफ करना ओम साईं राम...........गीतों पर ग्रुप द्वारा बेहतरीन नृत्य की प्रस्तुति पर दर्शकों को भावुक कर दिया और इस प्रस्तुति पर खूब तालियां व नगद पुरस्कार बटोरें। राजस्थानी देश भक्ति गीत ऐसा देश है मेरा......,नन्हा मुन्ना राही हूं.........,मेरा रंग दे बसंती चोला.......गीत पर छात्राओं ने शानदार नृत्य आकर्षण पोजीसन में साझेदारी की प्रस्तुति पर उपस्थित ग्रामीणों को तालियां बजाने पर मजबूर कर खूब दांत बटोरी। देशभक्ति, धार्मिक एवं राजस्थानी, फिल्मी गीतों पर छोटे-छोटे छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुति पर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वंदे मातरम देश भक्ति गीत पर वंदे मातरम ग्रुप डांस छात्र-छात्राओं द्वारा अपनी टीम के साथ मंच पर तीन रंग-रंगी वेशभूषा में बेहतरीन ढंग से प्रस्तुति पर दर्शकों द्वारा शानदार तालियां बजाकर हौसला अफजाई की। कार्यक्रम के प्रारंभ में सर्वप्रथम सांस्कृतिक मंच पर मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी सुजानमल मांगरिया, सरपंच श्रीमती मंजू जैन, मंडी पूर्व डायरेक्टर राजेंद्र सिंह तोमर, सेवानिवृत प्रधानाध्यापक सीताराम मांगरिया, प्रोफेसर गजेन्द्र आर्य, राजेश जैन, उप- सरपंच विकास प्रजापत द्वारा मंच पर मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित व माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी सुजानमल मांगरिया ने सरस्वती व नेहा हाई स्कूल में सांस्कृतिक एवं कक्षा 10 वीं के विद्यार्थियों का वार्षिक विदाई समारोह कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों व अभिभावकों को मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि परिक्षा में समय बहुत कम बचा है सभी विद्यार्थी परिक्षा तक के लिए मोबाइल से दूर और अध्ययनरत में व्यस्त हो जाएं। स्कूली विद्यार्थियों के लिए मोबाइल अभिशाप है। बचपन में नैतिक संस्कार दिए बिना सभ्य नागरिक का निर्माण नहीं हो सकता है। बच्चे अच्छी पढ़ाई करके उच्च पदों पर जाकर माता-पिता, गुरुजनों और गांव का नाम गौरवान्वित कर सकते हैं। परिवार की अच्छी और सच्ची विरासत संतान ही संपत्ति होती है। शैक्षणिक पठन-पाठन की अतिरिक्त पाठ्य सहगामी एक्टिविटीज का होना भी जरूरी होता है। विद्यार्थियों ने वार्षिकोत्सव में भाग लिया और देश भक्ति व धार्मिक गीतों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुत दी निश्चित रूप से इस प्रकार के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है। सरपंच श्रीमती मंजू जैन, मंडी पूर्व सदस्य राजेंद्र सिंह तोमर, प्रोफेसर गजेन्द्र आर्य , सेवानिवृत प्रधानाध्यापक सीताराम मांगरिया, मंडी पूर्व सदस्य राजेंद्र सिंह तोमर, राजेश जैन, ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। सरस्वती व नेहा हाई स्कूल के संस्थापक विनोद सगरावत एवं शिक्षक शिक्षिकाओं ने द्वारा वरिष्ठ जनों का अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक किशोर मेघवाल ने तथा कार्यक्रम के अंत में संस्था के संस्थापक विनोद सगरावत ने आभार व्यक्त किया गया।