जावद। श्रीमान् संदीप कुमार जैन, अपर सत्र न्यायाधीष, जावद के द्वारा 06 वर्ष के बालक को विक्रय करने एवं दास बनाये जाने के लिये उसका अपहरण करने वाले आरोपी भागचंद उर्फ भग्गा उर्फ विकास पिता दुधाजी भील, उम्र-35 वर्ष, निवासी-ग्राम डाबी, थाना जावद, जिला नीमच को धारा 140(4) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत 05 वर्ष के सश्रम कारावास व 100रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओं श्री सुखराम गरवाल द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना लगभग 15 माह पूर्व की होकर दिनांक 07.09.2024 को रात्री के लगभग 01 बजे ग्राम लुहारिया चुण्डावत स्थित फरियादी नंदलाल के घर की हैं। घटना दिनांक को फरियादी नंदलाल भील को उसके परिवार के कंवरलाल की मृत्यु हो जाने से उनके घर में कोई नहीं होने से उनके घर रखवाली हेतु सोने गया था। रात्रि करीब 01 बजे उसकी माता राजीबाई ने आकर उसे बताया कि उसके 06 वर्षीय पुत्र को कोई अज्ञात व्यक्ति घर से उठाकर ले गया है,
जिसका पीछा उसने किया था, परन्तु वह उसको जंगल तरफ लेकर भाग गया है। उसने घटना के बारे में परिवार के लोगों को बताया तथा अपने पुत्र को आसपास जंगल में ढूंढा परन्तु वह नहीं मिला। फरियादी ने घटना के संबंध में पुलिस थाना रतनगढ़ में रिपोर्ट लिखाई। विवेचना के दौरान रतनगढ़ पुलिस द्वारा अपहरण किये गये बालक को ग्राम लुहारिया चुण्डावत के जंगल से दस्तयाब किया जाने के पष्चात् उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। पुलिस द्वारा पूर्व में बच्चों का अपहरण करने वाले संदेही आरोपी का फोटो बालक व राजीबाई को दिखाया गया, जिस पर उनके द्वारा उक्त फोटो वाले व्यक्ति ने ही अपहरण किया जाना बताया गया। विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया व उसकी षिनाख्तगी भी कराई गई। विवेचना में ज्ञात हुवा की आरोपी द्वारा बालक का विक्रय करने एवं उसको दास बनाये जाने के उद्दैष्य से उसका अपहरण उसके द्वारा किया गया था।
इसके पश्चात् शेष आवष्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग-पत्र जावद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुवे प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में फरियादी एवं विवेचक सहित सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे ऐसे गंभीर अपराध करने वाले आरोपी को कठोरतम् दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी कोे उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी सुखराम गरवाल, एडीपीओ द्वारा की गई।