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लग्जरी लाइफ जीने वाले रहमान डकैत का साम्राज्य खत्म, 20 सालों से पुलिस को दे रहा था चकमा, 14 राज्यों में था खौफ

Neemuch headlines January 11, 2026, 6:36 pm Technology

नीमच करीब 20 सालों से देशभर की पुलिस के लिए चुनौती बना भोपाल का कुख्यात आपराधी आबिद अली उर्फ राजू ईरानी उर्फ रहमान डकैत आखिरकार सूरत क्राइम ब्रांच के गिरफ्त में आ गया. राजू ईरानी राजधानी में स्थित कुख्यात ईरानी डेरा का सरगना है, जो देशभर में संगठित अपराध का नेटवर्क संचालित करता रहा है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसका गिरोह 14 राज्यों में सक्रिय होकर वारदात को अंजाम देता था. इतना ही नहीं, वह खुद 6 अलग-अलग आपराधिक गिरोहों का संचालन करता था और 6 से अधिक राज्यों में वांटेड चल रहा था. क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी बीते करीब 20 सालों से गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है.

वह लोगों को गुमराह करने के लिए कभी खुद को फर्जी CBI अधिकारी बताता था, तो कभी पुलिस अफसर या साधु-बाबा का भेष अपनाकर वरदातों को अंजाम देता था. उसके खिलाफ लूट, ठगी, संगठित अपराध, जनलेवा हमले और लोगों को जिंदा चलाने के प्रयास जैसे गंभीर आपराध दर्ज हैं. महाराष्ट्र में कभी उसपर MCOCA (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट) जैसे कड़े कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है. નાh लालगेट क्षेत्र से सूरत क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार - सूरत पुलिस को सूचना मिली थी कि भोपाल निवासी कुख्यात अपराधी राजू ईरानी शहर में किसी बड़ी वारदात को अंदाम देने की योजना बना रहा है. जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने योजन बनाकर जाल बिछाया और लालगेट क्षेत्र से राजू ईरानी को गिरफ्तार कर लिया. जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले 13-14 सालों से भोपाल के अमन कॉलोनी में रह रहा था और वहीं से देशभर में अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था. लग्जरी कार और अरबी घोड़ों का शौकीन- पुलिस के अनुसार, राजू ईरानी और उसका भाई जाकिर अली अपराध से अर्जित धन के दाम पर बेहद आलीशान जीवन जी रहे थे.

उनके पास लग्जरी कारें, महंगी स्पोर्ट्स बाइक्स थीं और अरबी नस्ल के घोड़े पालना भी उनके शौक में शामिल था. इलाके में दोनों की दहशत किसी डॉन से कम नहीं बताई जाकी है. गिरफ्तारी से बचने के लिए महिलाओं और बच्चों का करता था इस्तेमाल जब भी पुलिस उसके ठिकानों पर छापा मारती थी, तो उसका गिहोर बेहद चालाकी से रणनीति बदल लेता था. कार्रवाई को नाकाम करने के लिए महिलाओं और बच्चों को आगे कर देते थे, और मुख्य आरोपी पीछे के रास्तों से भाग जाता था. दिसंबर में भोपाल पुलिस ने लगभग 150 जवानों के साथ एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया और ईरानी बस्ती पर छापा मारा. लेकिन तब भी राजू उसी चाल का इस्तेमाल करके भागने में कामयाब रहा, जबकि दो दर्जन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया. सफारी सूट पहनकर करते थे ठगी गैंग के सदस्य अक्सर सफारी सूट पहनते थे और CBI ऑफिसर या सीनियर पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को ठगते थे. वे बुजुर्गों और अकेले पैदल चलने वालों को रोकते थे, और सिक्योरिटी चेक के बहाने उनका सोना-चांदी का सामान लेकर भाग जाते थे.

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार राजू ईरानी हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत देश के कुल 14 राज्यों में लूट, धोखाधड़ी और संगठित अपराध के मामलों में फरार रहा है. दिल्ली क्राइम ब्रांच में भी वह साल 2022 से एक बड़े ठगी मामले में वांछित था.

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