नीमच । प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की मंशानुसार प्रदेश का दुग्ध उत्पादन दो गुना करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस लक्ष्य को हांसिल करने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा विभिन्न योजनाएँ एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। राज्य के बाहर से दुधारू पशुओं के उत्प्रेरण के साथ-साथ नस्ल सुधार के लिए हिरण्यगर्भा अभियान", पशु पौषण, पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन जागरूकता के लिए "दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान" दुग्ध उत्पादन बढावा देने एंव उन्हें आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने हेतु "क्षीर धारा अभियान" तथा उच्च नस्ल के पशुपालको को एक मंच प्रदान करने के लिए "ब्रीडर प्रकोष्ठ" का गठन आदि कार्य किए जा रहे हैं। नीमच जिले में 45 गौशालाओं में 8244 निराश्रित गौवंश को संरक्षण दिया गया हैं। गौशालाओं को स्वावलम्बी बनाने, नस्ल सुधार के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढाने के विशेष प्रयास किए जा रहे है। कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा के निर्देशन में नीमच जिले की 10 गौशालाओं में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने, पशुओं में नस्ल सुधार के लिए नवाचार किए जा रहे है। इसके तहत प्रथम चरण में प्रत्येक चयनित गौशालाओं में दो माह पूर्व 20 स्वस्थ्य गोवंश का चयन कर उनके जननांगो का परिक्षण किया गया है। फिर पेट के कीडे की दवाई दी गई तथा उन्हें पशु आहार के साथ मिनरल खिलाया जा रहा है। जिले में 18 एवं 19 जनवरी को पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया जायेगा। उप संचालक डॉ.राजेश पाटीदार ने बताया, कि जिले की गौशालाओं में प्रदेश का पहला नवाचार है, जिससे उन्नत नस्ल की बछियाएँ पैदा होगी और गौशालाओं का दुग्ध उत्पादन बढ़ने से आत्मनिर्भर बनेगी।