रतनगढ़ । कस्बे को तहसील का दर्जा दिलाने एवं प्रस्तावित नीमच कोटा रेल लाईन से रतनगढ को जोड़ने की मांग एक बार फिर से जोर पकड़ चुकी है। इस बाबत कस्बे के सर्वदलिय नेताओं एवं नागरिकों ने गैर राजनीतिक रूप से नगर हित में बनाई गई संघर्ष समिति एवं सर्व समाज के तत्वावधान में ज्ञापन दिया गया। ज्ञात रहे कि नीमच कोटा रेल लाईन के फाईनल लोकेशन मार्ग के सर्वे का कार्य अभी चल रहा है।
लेकिन पूर्व के तीनों बार किए गए सर्वे में शामिल रहे रतनगढ़ को इस बार इस बार के फाईनल सर्वे में हटा दिया गया है। ऐसे में नीमच, सिंगोली, कोटा रेल लाईन की सुविधा से रतनगढ़ वंचित होते हुए दिखाई दे रहा है। नीमच, सिंगोली, कोटा नई रेल लाईन के लिए जो फाइनल लोकेशन सर्वे हुआ है। उसमें नीमच से जावद, कनेरा और बेंगू होते हुए सिंगोली को जोड़ा जा रहा है। जबकि पहले के सर्वे में सिंगोली से रतनगढ़ और डीकैन के रास्ते नीमच को जोड़ना प्रस्तावित किया गया था। एसे मे रतनगढ़ को रेल सुविधा से जोड़ने साथ ही रतनगढ़ को तहसील का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में नगर के सभी दलों एवं सर्व समाज के नागरिकों के द्वारा पुराना बस स्टैंड सब्जी मंडी परिसर पर एकत्रित होकर जोर दार नारेबाजी करते हुए नगर में रैली निकाल कर टप्पा तहसील कार्यालय में पहुंच कर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, क्षेत्रीय विधायक ओम प्रकाश सकलेचा के नाम रतनगढ़ टप्पा तहसील कार्यालय में ज्ञापन देकर मांग की गई। कि रेल मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित सर्वे में रतनगढ़, डीकैन, मोरवन को जोड़ने एवं नवीन रेलवे लाईन की स्विकृति प्रदान करे। ज्ञापन में बताया गया कि गत वर्ष करवाए गए ड्रोन सर्वे में रतनगढ़, डीकेन, मोरवन, सरवानिया आदि गांवो का भी नाम था। लेकिन वर्तमान में जो मिडिया एवं फाईनल सर्वे रिपोर्ट आ रही है।
उसमें इन गांवो का नाम काट दिया गया है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि इस मार्ग से अगर रेलवे निकलती है। तो जावद, मोरवन के पास लगने वाले नवीन सीमेंट प्लांट सहित अन्य उद्योगों की स्थापना, नवीन सीपीएस प्लांट, सौर ऊर्जा प्लांट आदि के माध्यम से रेलवे को भी प्रति माह करोड़ो रूपयो की आय प्राप्त होगी। एवं क्षेत्र में जनता के लिए परिवहन के साधनो का भी विस्तार होगा। इसके साथ ही इस दौरान नगर के सर्व दलीय नेताओं एवं जागरूक नागरिकों द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन देकर रतनगढ को तहसील बनाए जाने की भी मांग की गई। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों की अभी तहसील मुख्यालय से लगभग 60 किलो मीटर की दूरी होने से आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस अवसर पर रेल संघर्ष समिति के ओमप्रकाश मूंदड़ा, राजेश लढा, गोविंद सिंह साण्डा, गोपाल धाकड़, मनोहर सोनी, सुनिल बैरागी, एस.पी. व्यास, जगदिश बैरागी, यूसुफ बोहरा, कमलेश अग्रवाल आदि ने आर.आई. प्रकाश शुक्ला के समक्ष अपनी बात रखी। और ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर नानालाल चारण, अनिल सोडानी, ओमप्रकाश सोनी, शंकरलाल वर्मा, प्रहलाद उस्ताद, विमल व्यास, श्रवण गुर्जर, बृजमोहन वैष्णव, आईदान चारण, टिकम चारण, गोवर्धन चारण, लाला जैन, डॉ. राजू माली, गोपाल वर्मा, प्रभुलाल छपरिबंद, प्रकाश माली, प्रदिप तिवारी, करण सिंह राजपूत, मोहनलाल ग्वाला, अभिषेक टेलर, कमल शर्मा, मनिष टेलर, ललित चौबे, बाटूल टेलर, किशोर राठोर, भंवरलाल सोलंकी, मुकेश छीपा, गोपाल टेलर, शब्बीर भाई कंठालिया, राजू पठान, श्यामलाल भाटी, निर्मल मीणा, गोपाल कुमावत, अजिज जमाली, कृष्णा वर्मा, दिनेश जिनगर, दिनेश सोनी, हिम्मत जैन, नंदलाल मीणा, श्याम जायसवाल, रामस्वरूप सोलंकी, महेश टेलर, रितेश अग्रवाल, पवन बैरागी, यूसूफ लैस वाला, जोहर राव बोहरा, फिरोज भाई बोहरा, मुर्तजा बोहरा, फय्याज भाई मंसूरी, ताहेर भाई बोहरा, कमल राठोर, बाबू सैन, शंकर भील, रुपेश सैन सहित बड़ी संख्या में नगर के नागरिक गण उपस्थित थे। रेलवे के ज्ञापन का वाचन ओमप्रकाश मूंदड़ा एवं तहसील के ज्ञापन का वाचन गोविंद सिंह सांडा के द्वारा किया गया। इस दौरान भाजपा एवं कांग्रेस के नगर अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में सर्वदलीय नेता, रेल संघर्ष समिति व नगर के नागरिक गण उपस्थित थे।