नीमच । जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सभी सार्वजनिक जल संरचनाओं और जलाशयों को अतिक्रमण से मुक्त करवाएं। ग्राम पंचायतें तालाबों, जल संरचनाओं, को चिन्हित कर ले, कि वहॉं कोई अतिक्रमण तो नहीं है। यदि किसी जल संरचना, अमृत सरोवरों एवं तालाबों की भूमि पर कोई अतिक्रमण हो, तो पंचायत में प्रस्ताव में पारित कर, एसडीएम को अतिक्रमण हटवाने हेतु प्रस्ताव भिजवाए। एसडीएम राजस्व अधिकारियों के माध्यम से सभी जल संरचनाओं, तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करवाएं। यह निर्देश कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को जिला अधिकारियों की बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, सभी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए, कि जल संसाधन विभाग से नहरों की जानकारी लेकर, राजस्व अभिलेख में शासकीय नहर दर्ज की जाए। जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए गए कि वे सभी नहर प्रणाली में घास, झाडी, छोटे पेड़ पौधो की सफाई का कार्य सुनिश्चित करें। उद्यानिकी विभाग के उप संचालक को निर्देशित किया कि वे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत स्प्रींकलर एवं ड्रीप , सिंचाई के लिए 500 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित कर किसानों को स्प्रिंकलर एवं ड्रीप उपकरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही 500 हेक्टेयर में फलदार पौधो का नया रकबा इस साल बढ़वाएं। कृषि विभाग को नये बलराम तालाब बनाकर किसानों को लाभांवित करने और मोर ड्राप मोर क्राप के तहत 1000 किसानों को स्प्रिंकलर एवं ड्रीप की सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग को जल संवर्धन एवं संरक्षण पर कक्षा 9 वीं एवं 12वी तक के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों पर निबंध, पोस्टर, रंगोली प्रतियोगिता, परिचर्चा एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए। जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव ने जल गंगा संवर्धन अभियान में विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाले कार्यो की जानकारी देते हुए सभी अधिकारियों को जल गंगा संवर्धन अभियान की जिले की कार्ययोजना/प्रोजेक्ट रिर्पोट तैयार करने के निर्देश भी दिए।