नई दिल्ली। शुक्रवार सुबह म्यांमार में भूकंप का जोरदार झटका महसूस किया गया। सुबह 11:50 पर 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने कई इमारतों को नुकसान पहुंचाया। हर तरफ चीख-पुकार सुनाई देने लगी, लोग पूरी तरह डर गए। सभी लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कई मंदिर और घर बुरी तरह टूट गए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियो साइंसेज के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में बताया गया।
दरअसल, इस भयानक भूकंप का केंद्र मांडले शहर के पास बताया गया। मांडले शहर में बने कई मंदिर बुरी तरह टूट गए, घरों की दीवारें गिर गईं, और बड़ी-बड़ी इमारतें ध्वस्त हो गईं। इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। बड़ी-बड़ी इमारतें भूकंप की चपेट में आ ग यह भूकंप के झटके बैंकॉक में भी महसूस किए गए। बैंकॉक में बड़ी-बड़ी इमारतें भूकंप की चपेट में आ गईं। लोग घबराकर सड़कों पर आ गए। कई घरों की दीवारों में दरारें आ गईं और छत के टुकड़े नीचे गिरने लगे। म्यांमार में बड़ा हादसा हो गया। दरअसल, इरावदी नदी पर बना 51 साल पुराना पुल इस भूकंप के चलते टूट गया, जबकि बैंकॉक में निर्मित कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। 23 लाख कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 1 अप्रैल से लागू होगी नई पेंशन स्कीम, इस तरह मिलेगा लाभ, जानें नियम-पात्रता वहीं, भूकंप के झटके भारत के राज्य मेघालय में भी महसूस किए गए। मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 मापी गई है। हालांकि, मेघालय में आए भूकंप से ज्यादा नुकसान की खबर अब तक सामने नहीं आई है, लेकिन बैंकॉक और म्यांमार में आए भूकंप ने बुरी तरह तबाही मचाई है। ।
7.7 तीव्रता का भूकंप बेहद चिंताजनक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट की वहीं, इस भूकंप को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट की। उन्होंने कहा, “म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद स्थिति चिंताजनक है। मैं सभी की सुरक्षा की प्रार्थना कर रहा हूं। भारत इस स्थिति में हर संभव सहायता के लिए तैयार है। हमने प्रशासन को सतर्क रहने के लिए कहा है। विदेश मंत्रालय म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों से संपर्क कर रहा है। मैं सभी के सुरक्षित होने की कामना करता हूं।”