होलिका दहन का पर्व रंगों का त्योहार होली से पहले मनाया जाता है। होलिका दहन का दिन नकारात्मक शक्तियों के अंत और सकारात्मक ऊर्जा के उदय का प्रतीक है।
ज्योतिष शास्त्र में इस रात को 'सिद्धि की रात' माना जाता है। होलिका दहन के दिन, पानी में रंग डालकर घर के कोनों में छिड़कें।
इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होकर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। साथ ही होलिका दहन की रात यह विशेष सावधानी बरतें कि होलिका दहन की अग्नि में कभी भी प्लास्टिक, चमड़ा या कचरा न डालें। इस अवसर पर पवित्र अग्नि में केवल प्राकृतिक सामग्री- जैसे गोबर के उपले, लकड़ी, अनाज और जड़ी-बूटियां ही अर्पित करें। धन लाभ/आर्थिक समृद्धि के लिए नकारात्मकता और 'नजर दोष' दूर करने के लिए स्वास्थ्य और लंबी बीमारी से मुक्ति के लिए कार्यों में सफलता और व्यापार वृद्धि के लिए गृह क्लेश और मानसिक शांति के लिए यदि आप चाहते हैं कि पूरा साल सुख-समृद्धि और शांति के साथ बीते, तो होलिका दहन पर 3 मार्च 2026 की रात ये 5 अचूक उपाय जरूर करें:
1. धन लाभ/आर्थिक समृद्धि के लिए होलिका दहन के समय एक सूखा नारियल लें और उसमें थोड़ा सा बूरा/चीनी और घी भर दें। इसे जलती हुई होलिका की अग्नि में अर्पित कर दें।
फायदा: ऐसी मान्यता है कि इससे घर में लक्ष्मी का वास होता है और लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बनते हैं।
2. नकारात्मकता और 'नजर दोष' दूर करने के लिए होलिका दहन की रात एक सरसों के तेल का दीपक चौखट पर जलाएं। साथ ही, परिवार के सभी सदस्यों के सिर से एक-एक गोमती चक्र सात बार वार कर यानी उतारकर अग्नि में डाल दें।
फायदा: इससे परिवार पर लगी बुरी नजर हटती है और घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है।
3. स्वास्थ्य और लंबी बीमारी से मुक्ति के लिए यदि घर में कोई व्यक्ति लगातार बीमार रहता है, तो होलिका दहन की राख (ठंडी होने के बाद) अगले दिन सुबह ले आएं। इस राख को रोगी के शरीर पर हल्का सा लगाएं या उसके माथे पर तिलक करें।
लाभ: यह उपाय असाध्य रोगों में राहत देने और मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक माना जाता है।
4. कार्यों में सफलता और व्यापार वृद्धि के लिए होलिका दहन की अग्नि में जौ (Barley) और काले तिल अर्पण करें। अग्नि की सात परिक्रमा करते समय अपनी मनोकामना मन ही मन दोहराएं।
फायदा: जौ को 'अन्न का राजा' माना जाता है, इसे अर्पित करने से करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और व्यापार में उन्नति होती है।
5. गृह क्लेश और मानसिक शांति के लिए होलिका दहन के दिन सुबह एक पान के पत्ते पर सुपारी और हल्दी की एक गांठ रखकर भगवान विष्णु को अर्पित करें। रात को दहन के समय लोबान या कपूर को अग्नि में डालें।
फायदा: इससे घर के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम बढ़ता है और पितृ दोष की शांति भी होती है।