शक संवत 1948, आषाढ़, कृष्ण, द्वादशी, शनिवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 11 जुलाई सन् 2026 ई॰।
सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल सुबह 08 बजकर 59 मिनट से सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक।
द्वादशी तिथि अगले दिन तड़के 02 बजकर 04 मिनट तक उपरांत त्रयोदशी तिथि का आरंभ। कृत्तिका नक्षत्र दोपहर 11 बजकर 03 मिनट तक उपरांत रोहिणी नक्षत्र का आरंभ। गण्ड योग मध्यरात्रि 12 बजकर 05 मिनट (12 जुलाई) तक उपरांत वृद्धि योग का आरंभ।
कौलव करण दोपहर 03 बजकर 45 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात वृषभ राशि पर संचार करेगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति--
सूर्योदय का समय :-
प्रातः 05:31 बजे
सूर्यास्त का समय :-
सायं 07:22 बजे
चंद्रोदय का समय :-
मध्यरात्रि बाद 02:49 बजे (12 जुलाई)
चंद्रास्त का समय :-
सायं 04:21 बजे
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: मिथुन राशि में स्थित हैं चन्द्र देव: वृषभ राशि में स्थित हैं
आज का शुभ मुहूर्त :-
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। अमृत काल : का समय प्रातः 08 बजकर 52 मिनट से प्रातः 10 बजकर 19 मिनट तक रहेगा।
आज का चौघड़िया मुहूर्त :-
शुभ (उत्तम) : सुबह 07 बजकर 15 मिनट से 08 बजकर 59 मिनट तक। चर (सामान्य) : दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक। लाभ (उन्नति) : दोपहर 02 बजकर 10 मिनट से सायं 03 बजकर 54 मिनट तक। अमृत (सर्वोत्तम) : सायं 03 बजकर 54 मिनट से सायं 05 बजकर 38 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त :-
राहुकाल : सुबह में 08 बजकर 59 मिनट से सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। गुलिकाल : सुबह में 05 बजकर 31 मिनट से सुबह 07 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। यमगण्ड : दोपहर में 02 बजकर 10 मिनट से सायं 03 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।
आज का उपाय :-
आज शनिवार के दिन हनुमान जी के समक्ष दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें और शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें।