नीमच। श्री राम्होला मंदिर समिति एवं समस्त नागदा ब्राह्मण समाज ग्राम काना खेड़ा के तत्वाधान में श्री राम लला राम्होला मंदिर में श्रीरामलला राममोला मंदिर कलश प्रतिष्ठान शिव परिवार हनुमान प्रतिष्ठा व हरिहर यज्ञ श्री मद्भागवत सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अध्यक्ष रामप्रसाद नागदा भैय्या जी, प्रतिनिधि महेश नागदा एवं कमल नागदा ने बताया कि कार्यक्रम की पावन श्रृंखला में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के महंत राघवपुरी जी महाराज , यज्ञ आचार्य पंडित अनिल शर्मा रेवली- देवली, के सानिध्य में विभिन्न मांगलिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा कथा प्रवक्ता पंडित नरेंद्र देव नागदा यज्ञ मणि सकरानी वाले , कांग्रेस जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती, समिति अध्यक्ष रामप्रसाद भैयाजी, महेश नागदा जनपद, कमल नागदा, पुर्व सरपंच बाबूलाल नागदा, पंचमुखी बालाजी के मोहनलाल नागदा, रामचंद्र नागदा ,राजू पुरोहित ,नरेंद्र नागदा, कन्हैयालाल नागदा, मुकेश नागदा ,सुनील नागदा ,अनिल नागदा, दिनेश नागदा , महेश नागदा डॉक्टर, सहित बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शंखनाद सुबह कानाखेड़ा स्थित श्रीरमोला मंदिर में पूजा अर्चना किया।कार्यक्रम की पावन श्रृंखला में हेमाद्री प्रायश्चित पूजन कलश यात्रा गणपती देवता पूजन मंडप प्रवेश व जलधिवास, देवता आव्हान स्थापना, अरणीमंथन, यज्ञ आरंभ, अन्नधिवास फलादिवास, हवन, पुष्पदिवास, धृतदिवास, मिष्ठानधिवास, धुपदिवास, सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। इसके साथ ही देवता पूजन हवन प्रतिमा अवश्य शिखर स्नपन, सहस्त्रधारा अभिषेक, प्रतिमा प्रसाद न्यास व नगर भ्रमण शय्याधिवास पूजन, देव प्रतिष्ठान, शिखर ध्वजा दंड, कलश प्रतिष्ठा सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए । तुलसी माता के पियर मायरा ग्राम पिपलोन के समस्त ग्राम वासियों की ओर से 17 जून 2026 को दोपहर 12बजे आया।
मायरा यात्रा नागदा धर्मशाला से प्रारंभ हुई जो ग्राम क्षेत्र के प्रमुख मार्गो से होती हुई 3 किलोमीटर चलकर रामोला मंदिर पहुंचकर दर्शन के पश्चात पुनः नागदा धर्मशाला पहुंचकर मायरा सम्मान समारोह में परिवर्तित हो गई। मायरा शोभायात्रा में चार डीजे पर राजस्थानी एवं धार्मिक भजनों की स्वर लहरियां बिखर रही थी ।मार्ग में स्थान स्थान पर ग्रामीणों द्वारा पुष्प वर्षा द्वारा पलक पांवड़े बिछाकर स्वागत किया गया। मार्ग में कई श्रद्धालुओं द्वारा तो जेसीबी मशीन के ऊपर खड़े होकर पुष्प वर्षा की गई। तो कई स्थानों पर मकान के झरोखों से पुष्प वर्षा की गई। मार्ग में स्थान स्थान पर सड़क पर फूलों एवं रंगो से रंगोली सजाई गई। घर-घर में दीपक जलाकर दीपावली की तरह मंदिर प्रतिष्ठा का त्यौहार मनाया गया। इस अवसर पर इंद्र देवता भी बूंदाबांदी कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। किसानों के चेहरे पर प्रसनता छा गई। सुबी श्याम मंदिर से भी वागा लाकर रमोला मंदिर में चढ़ाया गया। पूर्णाहुति व महाप्रसादी 17 जून बुधवार को आयोजित हुई। धर्म सभा का संचालन शिक्षक दशरथ नागदा व वीरेंद्र पप्पू कमल नागदा ने किया। लाल पत्थरों से निर्मित प्राचीन रमोला मंदिर में कलश प्रतिष्ठा महोत्सव सम्पन्न :- श्री राम लला राम्होला मंदिर कानाखेड़ा में 500 वर्ष प्राचीन है। ग्राम क्षेत्र में एक प्राचीन बावड़ी के समीप स्थापित है जिसमें चारभुजा नाथ की प्राचीन प्रतिमा स्थापित है इस मंदिर का जीर्णोद्धार निर्माण कार्य का शुभारंभ 3 वर्ष पूर्व अयोध्या स्थित राम मंदिर का शिलान्यास के दिन ही हुआ था मंदिर में धौलपुर के लाल पत्थर का उपयोग किया गया है।
मंदिर पर शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा एवं कलश स्थापना17 जून बुधवार को की गई। इनका किया सम्मान :- खाना खेड़ा क्षेत्र के पांच मंदिरों के पुजारी का सम्मान पोशाक प्रदान कर किया गया जिसमें रमोला मंदिर के महंत राघव पूरी पंचमुखी बालाजी मंदिर के राधेश्याम बैरागी बिचला मंदिर के देवदास बैरागी बालाजी कुड़ी के घनश्याम दास बैरागी बाड़ी मोहल्ला के बद्री दास बैरागी शामिल थे। यह सामग्री थी मायरा में :- पिपलोन मायरा प्रतिनिधि दिनेश नागदा ने बताया कि पांच मंदिरों के पुजारी के पोषाक ठाकुर सुरेंद्र सिंह पंवार ठिकाना सुरभि ज्वेलर्स गिरदोडा द्वारा चांदी का मुकुट एवं मायरा तुलसी माता जी के 21501 रु, आदि सामग्री शामिल थी।