आज अंग्रेजी तारीख 13 जून 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु। राहुकाल सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक। त्रयोदशी तिथि दोपहर 04 बजकर 07 मिनट तक उपरांत चतुर्दशी तिथि का आरंभ।
कृत्तिका नक्षत्र मध्यरात्रि बाद 01 बजकर 16 मिनट (14 जून) तक उपरांत रोहिणी नक्षत्र का आरंभ। सुकर्मा योग सायं 05 बजकर 28 मिनट तक उपरांत धृति योग का आरंभ।
गरज करण प्रातः 05 बजकर 55 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ। चंद्रमा प्रातः 09 बजकर 25 मिनट तक मेष राशि पर उपरांत वृषभ राशि पर संचार करेगा।
तिथि कृष्ण त्रयोदशी – दोपहर 04:07 बजे तक, फिर चतुर्दशी योग सुकर्मा – सायं 05:28 बजे तक, फिर धृति करण गरज – प्रातः 05:55 बजे तक करण वणिज – दोपहर 04:07 बजे तक करण विष्टि (भद्रा) – अगले दिन तड़के 02:15 बजे (14 जून) तक, फिर शकुनि
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति--
सूर्योदय का समय :-
प्रातः 05:23 बजे
सूर्यास्त का समय :-
सायं 07:20 बजे
चंद्रोदय का समय :-
मध्यरात्रि बाद 04:08 बजे (14 जून)
चंद्रास्त का समय :-
सायं 05:31 बजे
आज के व्रत त्योहार :-
कृष्ण त्रयोदशी तिथि।
आज का शुभ मुहूर्त :-
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक। अमृत काल रात्रि 11 बजकर 09 मिनट से मध्यरात्रि बाद 12 बजकर 34 मिनट (14 जून) तक। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 52 मिनट से 4 बजकर 38 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त :-
सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर 01:30 से 03:30 बजे तक यमगंड रहेगा। आज का नक्षत्र आज चंद्रदेव कृत्तिका नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। कृत्तिका नक्षत्र: मध्यरात्रि बाद 01:16 बजे (14 जून) तक स्थान: 26°40’ मेष राशि से 10°00’ वृषभ राशि तक
नक्षत्र स्वामी: सूर्यदेव
राशि स्वामी: मंगलदेव और शुक्रदेव
देवता: अग्निदेव
प्रतीक: भाला या अस्त्र
सामान्य विशेषताएं :-
इस नक्षत्र में जन्मे लोग बहुत तेज बुद्धि, स्वाभिमानी और धार्मिक स्वभाव के होते हैं। ये परंपरावादी होने के साथ-साथ निडर, ऊर्जावान और सामाजिक रूप से बेहद प्रभावशाली होते हैं। इनमें जीवन में आगे बढ़ने की दृढ़ इच्छाशक्ति होती है, जिसके बल पर ये समाज में खूब प्रसिद्धि पाते हैं।
आज का उपाय :-
आज हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। शनिवार के दिन काली उड़द की दाल या काले कपड़ों का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। यह कार्य धार्मिक नियमों के सुंदर और सफल संपादन के लिए अत्यंत श्रेष्ठ फलदायी माना जाता है।