Latest News

आज का पंचांग 25 मई 2026 : आज ज्येष्ठ मास दशमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त का समय

Neemuch headlines May 25, 2026, 7:39 am Technology

अंग्रेजी तारीख 25 मई 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक। दशमी तिथि अगले दिन प्रातः 05 बजकर 10 मिनट (26 मई) तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र अगले दिन प्रातः 04 बजकर 08 मिनट (26 मई) तक उपरांत हस्त नक्षत्र का आरंभ। वज्र योग अगले दिन प्रातः 03 बजकर 15 मिनट (26 मई) तक उपरांत सिद्धि योग का आरंभ। तैतिल करण दोपहर 04 बजकर 46 मिनट तक उपरांत गरज करण का आरंभ। चंद्रमा प्रातः 09 बजकर 07 मिनट तक सिंह राशि पर उपरांत कन्या राशि पर संचार करेगा।  महत्वपूर्ण विवरण तिथि शुक्ल दशमी – अगले दिन प्रातः 05:10 बजे (26 मई) तक, फिर एकादशी योग वज्र – अगले दिन प्रातः 03:15 बजे (26 मई) तक, फिर सिद्धि करण तैतिल – दोपहर 04:46 बजे तक करण गरज – अगले दिन प्रातः 05:10 बजे (26 मई) तक सूर्य और चंद्रमा की स्थिति सूर्योदय का समय प्रातः 05:26 बजे

सूर्यास्त का समय सायं 07:11 बजे चंद्रोदय का समय दोपहर 02:00 बजे चंद्रास्त का समय रात्रि 02:03 बजे (26 मई) आज के व्रत त्योहार दशमी तिथि

आज का शुभ मुहूर्त 25 मई 2026 :

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक।

अमृत काल: रात्रि 08 बजकर 33 मिनट से रात्रि 10 बजकर 14 मिनट तक।

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 3 बजकर 54 मिनट से 4 बजकर 40 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 25 मई 2026 : सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक

राहुकाल रहेगा। दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक गुलिक काल रहेगा।

सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक यमगंड रहेगा।

आज का नक्षत्र आज चंद्रदेव उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र: अगले दिन प्रातः 04:08 बजे (26 मई) तक स्थान: 26°40’ सिंह राशि से 10°00’ कन्या राशि तक नक्षत्र स्वामी:

सूर्यदेव राशि स्वामी: सूर्यदेव और बुधदेव देवता: अर्यमा (मित्रता और एकजुटता के देवता) प्रतीक: बिस्तर

सामान्य विशेषताएं:

इस नक्षत्र में जन्मे लोग विनम्र, मेहनती और बुद्धिमान होते हैं। ये बेहतरीन वक्ता होने के साथ-साथ एक भरोसेमंद दोस्त और मददगार साबित होते हैं। स्वभाव से उदार, ईमानदार और समृद्ध होने के कारण ये अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित रहते हैं।

आज का उपाय :-

आज भगवान शिव का दूध से अभिषेक करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। सोमवार के दिन सफेद वस्त्र या चावल का दान करना मन को शांत रखता है और जीवन के सुखद कार्यों के संपादन के लिए श्रेष्ठ फलदायी माना जाता है।

Related Post