Latest News

क्या ज्यादा पसीना बहाने से पिघलती है शरीर की चर्बी...? जानें फिटनेस से जुड़े इस झूठ पर क्या कहता है विज्ञान

Neemuch Headlines June 14, 2026, 8:29 am Technology

जिस तरह तापमान बढ़ता जा रहा है, ऐसे समय में खुद को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज करना किसी चैलेंज से कम नहीं। पर अक्सर यह लोग कहते पाए जाते हैं कि एक्सरसाइज करो और पसीना बहाओ, क्योंकि पसीना बहाने का मतलब है वजन कम होना और वर्कआउट का बेहतर होना।

क्या आप भी इसी फिलोसॉफी पर विश्वास करते हैं? हो सकता है आपकी यह धारणा गलत हो क्योंकि साइंस तो ऐसा ही कह रहा है।

पसीना बहाना अच्छे वर्कआउट की निशानी..? :-

पसीना अच्छे वर्कआउट की निशानी नहीं है, यह एक गलत धारणा है। उनके मुताबिक, अगर दो लोग वर्कआउट कर रहे हैं और किसी एक को ज्यादा पसीना आ रहा है तो यह नहीं समझा जाना चाहिए कि उसने ज्यादा मेहनत की। पसीना केवल इस बात की तरफ इशारा करता है कि किसी व्यक्ति का शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए काम कर रहा है। इस तरह यह बात बिल्कुल गलत है कि पसीना अच्छे वर्कआउट का संकेत है।

वर्कआउट के समय पसीना आने के कारण :-

कसरत करते समय पसीना आना यह संकेत करता है कि शरीर गर्म हो गया है। सरल शब्दों में इसे समझें तो शरीर का तापमान जब उसके सामान्य तापमान से बढ़ जाता है तो पसीना आता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नर्वस सिस्टम स्वेट ग्लैंड्स को ऐक्टिवेट कर डेटा है। यह दो तरह के होते हैं; एक्राइन ग्लैंड और एपोक्राइन ग्लैंड। एक्राइन ग्लैंड त्वचा के रास्ते से पसीना निकालता है तो वहीं एपोक्राइन ग्लैंड बालों, जांघों और बगल के हिस्से पसीना निकालने के लिए जिम्मेदार है। वइस तरह जब पसीना शरीर से उड़ने या सूखने लगता है तो यह शरीर का तापमान सामान्य कर रहा होता है, यानी पसीना आना एक कूलिंग मैकेनिज्म है।

ज्यादा पसीना आना एक परेशानी है? :-

ज्यादा पसीना आने की स्थिति को मेडिकल भाषा में हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है। इससे स्किन इन्फेक्शन का खतरा रहता है। वहीं, ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जो मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बना देता है।

इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य पर इसका असर यह पड़ता है कि अपनी इस परेशानी को छिपाने के लिए आप रूटीन में बदलाव कर सकते हैं और लोगों से दूर हो सकते हैं। जिन लोगों को पसीना ज्यादा आता है, वो एक्सरसाइज से भी दूर भागने लगते हैं।

Related Post