चीताखेड़ा । शनि अमावस्या को न्याय के देवता सूर्यपुत्र भगवान शनि देव का शुक्रवार, शनिवार को जीरन मार्ग पर राजीव कॉलोनी में स्थित नवग्रह शनि देव मंदिर पर दुर्लभ संयोग के बीच शनि जन्मोत्सव इस बार दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों के साथ साथ मनाया जाएगा। 13 साल बाद शनिश्चरी अमावस्या का दुर्लभ महा संयोग बन रहा है, इस दिन केदार और शोभन योग में शनि पूजा होगी। यह योग बहुत ही शक्तिशाली और शुभ माना जा रहा है। उपरोक्त जानकारी शनिदेव मंदिर पुजारी बगदीराम जोशी ने प्रेस विज्ञप्ति में देते हुए बताया है कि भगवान शनि देव सूर्य और छाया के पुत्र हैं, उन्हें न्याय का देवता माना जाता है।
इस प्रकार के कर्मों का फल देने का काम शनिदेव का है, इसलिए इन्हें दंडाधिकारी भी कहा जाता है। जीवन में शनिदेव की कृपा और उनकी दशा का अपने आप में बड़ा महत्व है। पुजारी श्री जोशी ने बताया कि भगवान शनि देव के जन्मोत्सव के अवसर पर 15 मई शुक्रवार को रात्रि 8 बजे श्री रामदूत मानस मंडली स्वरुप गंज बरखेड़ा द्वारा अत्याधुनिक वाद्य यंत्र की स्वरलहरियों के साथ संगीतमय श्रद्धालुजन शनि देव की चौखट पर पहुंचकर मत्था टेक सुंदरकांड पाठ किया गया। 16 मई शनिवार को प्रातः 7 बजे विधिविधान पूर्वक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देव स्थापना, पंचकुंडीय यज्ञ, हवन पूजन होगा।
वहीं शनिवार को रात्रि 8 बजे शनि देव मंदिर पर चित्तौड़गढ़ जिले के बोदियाना के प्रसिद्ध कथाकार पंडित तीर्थराज गुरु के मुखारविंद से भगवान शनि देव की संगीतमय कथा का वाचन किया जाएगा । 16 मई शनिश्चरी अमावस्या शनिवार को महाप्रसाद के रूप में विशाल भण्डारा आयोजित किया जाएगा। शनिश्चरी अमावस्या को कर्मोंकी सजा देने वाले न्याय के देवता न्यायाधीश सूर्यपुत्र भगवान शनि देव के दो दिवसीय जन्मोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर उमड़ेगा श्रद्धा का सेलाब । बड़ी संख्या में कर दिव्य दर्शन कर तिल तेल, अगरबती सहित अन्य पुजा सामग्री चढ़ाकर परिवार की सुख समृद्धि की कामना करेंगे। मंदिर समिति द्वारा शनिदेव जयंती को लेकर बड़े ही जोर-शोर से तैयारियां की जा रही है।