मनासा। श्रीमान् भूपेन्द्र आर्य, न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय, जनपद मनासा, जिला-नीमच द्वारा लापरवाही व उतावलेपूर्वक बस चलाकर विद्युत तार से अड़ाकर करंट से एक व्यक्ति की मृत्यु कारित करने वाले आरोपी दिनेश पिता भोना सीकलीगर, उम्र-61 वर्ष, निवासी-जुनासात मोहल्ला, तहसील-मनासा, जिला-नीमच को धारा 304ए भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 2 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
एडीपीओ अरविंद सिंह थापक द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 10 वर्ष पूर्व दिनांक 01.10.2016 की शाम के लगभग 5 बजे ग्राम पिपल्यारूंडी मार्ग की हैं। घटना दिनांक को पिंकेश बांछड़ा, रवि बांछड़ा व शानु बांछड़ा तीनो मोटरसायकल से ग्राम पिपल्यारूंडी स्थित उसके घर से सामान लेने के लिये ग्राम सरवानिंया जा रहे थे।
रास्ते में बिहारी के खेत के पास उन्हें ग्वाला बस खड़ी हुई दिखाई दी, जिसके ड्राईवर आरोपी दिनेश ने तीनों को रोका और कहाँ की बस खराब हो गई हैं, इसलिये धक्का लगा दो। तीनों ने बस को धक्का लगाया, जिससे बस तो स्टार्ट हो कर चलने लग गई किन्तु आरोपी को जानकारी होते हुवे भी बस को बिजली के तार से अड़ा दी, जिससे की शानु बांछड़ा जिसने चप्पल नहीं पहन रखी थी, उसकी करंट लगने से मृत्यु हो गई।
मौके से आरोपी ड्राईवर व खल्लासी भाग गये। घटना की रिपोर्ट फरियादी के चचेरे भाई देवीसिंह ने थाना मनासा पर की, जिससे अपराध पंजीबद्ध कर आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ अरविंद सिंह थापक द्वारा की गई।