अंग्रेजी तारीख 20 अप्रैल 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक। तृतीया तिथि प्रातः 07 बजकर 27 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ। रोहिणी नक्षत्र रात्रि 02 बजकर 08 मिनट (21 अप्रैल) तक उपरांत मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ। सौभाग्य योग दोपहर 04 बजकर 11 मिनट तक उपरांत शोभन योग का आरंभ। गरज करण प्रातः 07 बजकर 27 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात वृषभ राशि पर संचार करेगा। महत्वपूर्ण विवरण तिथि: शुक्ल तृतीया – प्रातः 07:27 बजे तक, फिर चतुर्थी योग:
सौभाग्य – दोपहर 04:11 बजे तक, फिर शोभन करण: गरज – प्रातः 07:27 बजे तक
करण: वणिज – सायं 05:49 बजे तक करण: विष्टि – रात्रि 04:14 बजे (21 अप्रैल) तक
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05:51 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:50 बजे चंद्रोदय का समय: प्रातः 07:44 बजे
चंद्रास्त का समय: रात्रि 10:20 बजे
आज के व्रत त्योहार- वैनायक चतुर्थी
आज का शुभ मुहूर्त 20 अप्रैल 2026
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक।
अमृत काल: रात्रि 11 बजकर 16 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट (21 अप्रैल) तक।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4 बजकर 23 मिनट से 5 बजकर 07 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त 20 अप्रैल 2026 राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक
गुलिक काल दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक
यमगंड सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव रोहिणी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। रोहिणी नक्षत्र: रात्रि 02:08 बजे (21 अप्रैल) तक नक्षत्र स्वामी: चंद्रदेव राशि स्वामी: शुक्रदेव देवता: ब्रह्मा या प्रजापति प्रतीक: बैलगाड़ी का पहिया सामान्य विशेषताएं: कलात्मक, रचनात्मक, कुशल व्यापारी, व्यावहारिक, ईमानदार, सत्यवादी और शांत मन।
आज का उपाय : -
आज भगवान शिव का अभिषेक करें और सफेद चंदन अर्पित करें। सोमवार के दिन जरूरतमंदों को दूध या चावल का दान करना जीवन के सही संचालन में सहायक होता है।