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चीताखेड़ा-राजस्थान बॉर्डर सड़क निर्माण में मानकों की धज्जियां, क्या पीडब्ल्यूडी की चुप्पी 'साठगांठ' का संकेत है?

भगत मांगरिया March 23, 2026, 7:27 pm Technology

चीताखेड़ा। लंबी जद्दोजहद और ग्रामीणों के आक्रोश के आगे झुकते हुए आखिरकार गत मंगलवार को ठेकेदार ने राजस्थान बॉर्डर से चीताखेड़ा की ओर सड़क निर्माण कार्य शुरू तो कर दिया, लेकिन यह राहत कम और भ्रष्टाचार का नया खेल ज्यादा नजर आ रहा है।

आनन-फानन में शुरू किए गए इस निर्माण में गुणवत्ता को ताक पर रख दिया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में फिर से भारी उबाल है। सूत्रों और मौके पर मौजूद ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण के दौरान तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। डामरीकरण के नाम पर महज 'काली स्याही' की परत बिछाई जा रही है। बिना बेस तैयार किए और बिना सफाई के सीधे गिट्टियों पर डामर डाला जा रहा है, जिससे यह सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल पाएगी। मौके पर न तो पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार इंजीनियर मौजूद हैं और न ही कोई तकनीकी सुपरवाइजर। आखिर किसकी शह पर ठेकेदार यह 'लीपापोती' कर रहा है? जिस सड़क के लिए कलेक्टर डॉ. हिमांशु चंद्रा और एसडीओ नेहा राठौर ने सख्त निर्देश दिए थे, उसी सड़क पर ठेकेदार और विभाग के अधिकारियों की 'जुगलबंदी' साफ नजर आ रही है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि भ्रष्टाचार की नींव पर यह घटिया निर्माण किया जा रहा है। आस्था के नाम पर खिलवाड़: क्या यही है मेले की तैयारी? :- आगामी चैत्र नवरात्रि मेले के लिए हजारों श्रद्धालु इसी मार्ग से गुजर रहे हैं। आधे मार्ग में डामर और आधे मार्ग में नुकिले गिट्टी पत्थर आवरी माताजी मेले में जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं का आवागमन हो रहा है ऐसे संवेदनशील समय में अधूरी और घटिया सड़क सीधे सीधे हिटलरशाही को दर्शाता है। क्या विभाग सिर्फ कागजों पर 'काम पूरा' दिखाने की जल्दी में है? वर्तमान गति और गुणवत्ता को देखते हुए यह साफ है कि यह सड़क टिकाऊ नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच तुरंत की जाए और मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में मानक अनुसार काम करवाया जाए। इनका कहना :- "हमें सड़क चाहिए थी, लेकिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी हुई धूल भरी सड़क नहीं। यह जनता के टैक्स के पैसों की सरेआम बर्बादी है। ठेकेदार और इंजिनियर मिलकर सरकार की आंखों में धूल झोंक रहे हैं।" श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शनिवार रात को मां के भक्तों ने उसे हकीकत दिखा दी। — दशरथ माली आवरी माताजी मेला समिति सदस्य।

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