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धामनिया–चीताखेड़ा सड़क की बदहाली बनी हादसे की वजह, यात्री बस क्षतिग्रस्त, 30 यात्रियों की बाल-बाल बची जान

भगत मागरिया February 6, 2026, 10:08 am Technology

रामनगर के पास गड्ढों में फंसी बस के टूटे कमानी पत्ते व अन्य पार्ट्स, पीडब्ल्यूडी की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल

चीताखेड़ा। धामनिया–चीताखेड़ा सड़क मार्ग की दयनीय स्थिति एक बार फिर बड़े हादसे का कारण बनते-बनते रह गई। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे चीताखेड़ा से नीमच जा रही सांवलिया यात्री बस रामनगर के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढों की चपेट में आ गई।

अचानक झटकों के चलते बस के कमानी पत्ते, झूला सहित कई अहम पार्ट्स टूट गए। हालांकि बस चालक की सूझबूझ से वाहन को नियंत्रित कर लिया गया, जिससे बस में सवार करीब 30 यात्रियों की जान बच गई। उल्लेखनीय है कि धामनिया–चीताखेड़ा सड़क मार्ग आए दिन दुर्घटनाओं के कारण सुर्खियों में बना रहता है। मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इस पर सफर करना किसी जंग जीतने से कम नहीं है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इस सड़क को पूरी तरह लावारिस छोड़ दिया है। न तो नए सड़क निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जा रहे हैं और न ही अस्थायी तौर पर पेंचवर्क किया जा रहा है। बीते दिनों रामनगर के पास सड़क की पटरियां (शोल्डर) नीचे होने के कारण वाहन नीचे उतरने में असमर्थ रहे, जिससे फोर व्हीलर और टू-व्हीलर की टक्कर हो गई।

इस हादसे में टू-व्हीलर चालक संजय दास बैरागी गंभीर रूप से घायल हो गया, जो उदयपुर जिला चिकित्सालय में 11 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।

30 जनवरी को चीताखेड़ा में आयोजित कांग्रेस पार्टी के धरना-प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तरुण बाहेती ने सड़क की बदहाली और बढ़ती दुर्घटनाओं को लेकर पीडब्ल्यूडी को पांच दिन में सुधार नहीं होने पर चक्काजाम की चेतावनी दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शायद संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। यदि शीघ्र ही सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो भविष्य में जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता।

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