नई दिल्ली । संसद के बजट सत्र (फरवरी 2026) में बुधवार को वह स्थिति देखने को मिली जो शायद पहले कभी नहीं हुई थी। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने के लिए जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खड़े होने वाले थे, विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान भाजपा सांसद मनोज तिवारी (BJP MP Manoj Tiwari) ने एक ऐसा आरोप लगाया है जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
उन्होंने कहा कि आज जो सदन में हुआ वह डरावना था। विपक्षी सांसदों ने न केवल वेल (Well) का उल्लंघन किया, बल्कि सत्ता पक्ष की सीटों तक आ गए। उन्होंने जानबूझकर महिला सांसदों को आगे कर एक 'शील्ड' (Shield) बनाई ताकि वे प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच सकें। उनके हाव-भाव देखकर लग रहा था कि वे पीएम मोदी पर हमला भी कर सकते थे। भाजपा सांसद मनोज तिवारी का आरोप कितना सही है, यह तो जांच का विषय है, लेकिन विपक्ष ने यह जरूर कहा था कि चूंकि राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी को भी नहीं बोलने दिया जाएगा। आमतौर पर राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री के भाषण को शांति से सुना जाता है, लेकिन 2026 के इस सत्र में विपक्ष के 'आक्रामक रुख' ने संसदीय परंपराओं पर नई बहस छेड़ दी है।