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30 जिलों में कोहरा, 8 फरवरी को सक्रिय होगा नया सिस्टम, अगले हफ्ते फिर बारिश के संकेत

Neemuch headlines February 5, 2026, 4:32 pm Technology

भोपाल। मध्य प्रदेश में इन दिनों कहीं बादल तो कहीं कोहरे की स्थिति बनी हुई है। तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है जिसके चलते ठंड का असर बरकरार है। मंगलवार (4 फरवरी 2026) को सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.8 °C राजगढ़ में दर्ज किया गया। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.5°C नर्मदापुरम में दर्ज हुआ। ग्वालियर-चंबल अंचल में कोहरे का ज्यादा असर देखने को मिल रहा है जिसके चलते सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं गुरुवार (5 फरवरी 2026) सुबह भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में कोहरे की स्थिति बनी हुई है। बीते दिन उज्जैन में 14°C, ग्वालियर में 13.1°C, जबलपुर में 14.8°C, इंदौर में 14°C और भोपाल में 14°C में न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ।

8 फरवरी को सक्रिय होगा नया वेदर सिस्टम मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल द्वारा जारी दैनिक रिपोर्ट (4 फरवरी 2026) के मुताबिक, वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और एक ट्रफ सक्रिय है। पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत के ऊपर माध्य समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर लगभग 260 किमी प्रति घंटा की गति से पछुआ जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। एक अन्य नया पश्चिमी विक्षोभ 8 फरवरी की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।

इसका असर मध्य प्रदेश पर भी देखने को मिलेगा। इस दौरान फिर मावठा गिरने के भी आसार हैं। 6 व 7 फरवरी को ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों व विंध्य क्षेत्र में घना कोहरा और भोपाल-इंदौर समेत मध्य हिस्से में हल्के से मध्यम कोहरे छाने की संभावना है। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की भरपाई करेगी सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए है कि प्रदेश में जहां-जहां भी ओला-पाला से फसलें प्रभावित हुई हैं, उन जिलों के कलेक्टर्स, सर्वे कराकर तत्काल सहायता राशि किसानों को उपलब्ध कराएं। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने भी कहा है कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों, मकानों एवं मवेशियों की क्षतिपूर्ति के लिए सर्वे कार्य निरंतर किया जा रहा है। सर्वे पूर्ण होने के बाद सभी पात्र ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को उनकी क्षति का पूरा मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

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