नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्राएवं एडीएम.एस.कलेश के निर्देशन में भारत सरकार द्वारा स्वीकृत वन स्टॉप सेन्टर (सखी) नीमच का संचालन किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री अंकिता पंड्या ने बताया, कि महिला (परिवर्तित नाम) मनीषा को विवाह के 15 वर्ष पश्चात संतान की प्राप्ति हुई। प्रसव के समय महिला के मस्तिष्क की कोई नस दब गई, जिससे उसके मस्तिष्क में रक्त का थक्का जमने लगा ओर ट्युमर को निकालने के लिये महिला के सिर का ऑपरेशन करवाया, तो चेकअप के लिये परिवर्तित नाम हरीश (पति), मनीषा को लेकर अहमदाबाद गया मनीषा ऑपरेशन के पश्चात चीजें, व्यक्ति भूलने लगी, चेकअप के बाद अहमदाबाद से मंदसौर वापस लौटते समय एक होटल पर शौच करने बस से उत्तरी और वह हरीश से बिछड गई। वहाँ से गुमशुदा हो गई। मनीषा अँधेरे में गलत रास्ते पर चली गई। हरीश व उसके परिजनों द्वारा मनीषा को बहुत ढूँढा परन्तु मनीषा नही मिली, तो हरीश व उसके परीजनों ने मनीषा के गुमशुदा होने की खबर सोशल मीडिया और पुलिस थाना मंदसौर में की।
मनीषा नीमच शहर में भटकते हुए पुलिस प्रशासन को मिली तो महिला मनीषा को सुरक्षा की दृष्टि से वन स्टॉप सेन्टर नीमच के अस्थाई आश्रय में रखा गया। महिला मनीषा को वन स्टॉप सेन्टर सखी से परामर्श सहायता, आश्रय सहायता, पुलिस सहायता, चिकित्सा सहायता दी गई। मनीषा ने काउंसलर द्वारा घटना के संबंध में पूछे जाने पर कुछ भी बता पाने में असमर्थता जताई। वन स्टॉप सेन्टर सखी की प्रभारी प्रशासक श्रीमती दिपिका नामदेव एंव उनकी टीम व पुलिस प्रशासन के सहयोग से महिला मनीषा के परिवार का पता लगाया गया व महिला मनीषा के सुरक्षित वन स्टॉप सेन्टर सखी नीमच में होने की सूचना दी और उन्हें नीमच बुलाया। एडीएम के आदेश पश्चात महिला मनीषा को केंट पुलिस नीमच के सुर्पद किया गया। ताकि महिला मनीषा के भाई राहुल की शिनाक्त के पश्चात मनीषा को उसके भाई राहुल के सुपुर्द किया जा सके।
इस तरह वन स्टॉप सेन्टर सखी ने अपने उद्देश्य महिला की सुरक्षा व सम्मान को सार्थक किया है।