मंदसौर । आगामी 29 से 31 जनवरी 2026 तक द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का आयोजन सीतामऊ स्थित नटनगर शोध संस्थान में किया जाएगा। इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने पत्रकारों को महोत्सव के उद्देश्य, गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने बताया कि सीतामऊ में आयोजित यह साहित्य महोत्सव “नॉलेज कुंभ” के रूप में विकसित हो रहा है। यह आयोजन सभी के लिए पूर्णतः खुला है। महोत्सव के माध्यम से इतिहास, संस्कृति, साहित्य, कला एवं स्थानीय विरासत पर विशेष फोकस किया गया है। यह आयोजन इतिहास, साहित्य एवं कला का एक समागम है, जिससे शोध एवं ज्ञान के प्रचार-प्रसार को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि महोत्सव के अंतर्गत नेचर वॉक, रिवर सफारी, बर्ड वॉचिंग, जंगल सफारी जैसी प्रकृति आधारित गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। बच्चों के लिए विशेष गतिविधियाँ रखी गई हैं। पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अलग-अलग दिनों में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों को आमंत्रित किया गया है। कवियों के साथ-साथ इतिहासकारों, पर्यावरणविदों एवं प्रेस जगत से जुड़े विशिष्ट व्यक्तियों की सहभागिता रहेगी। कलेक्टर ने कहा कि स्थानीय कवियों एवं स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। 30 जनवरी की शाम को भव्य कवि सम्मेलन आयोजित होगा। महोत्सव के माध्यम से देश-प्रदेश के लोगों को सीतामऊ की साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत से रूबरू कराया जाएगा तथा स्थानीय हस्तियों को भी प्रमोट किया जाएगा। इसमें कोई भी व्यक्ति अपनी रुचि एवं अभिरुचि के अनुसार सहभागिता कर सकता है। उन्होंने बताया कि स्कूल के बच्चों के माध्यम से तारामंडल संबंधी गतिविधियाँ आयोजित होंगी। विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जिनमें पुस्तकें, पेंटिंग, दुपट्टे, रुमाल, स्थानीय उत्पाद एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध रहेगी। इस महोत्सव में पहली बार “नेचर सेंसस” का विमोचन किया जाएगा। साथ ही पुराने समय में मंदसौर में आयोजित हुए साहित्य महोत्सवों से संबंधित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इस वर्ष के आयोजन के प्रमुख वक्ता तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध अभिनेता, संगीतकार एवं वेब सीरीज पंचायत में ‘प्रधान जी’ के लोकप्रिय किरदार के लिए प्रसिद्ध रघुबीर यादव द्वारा की जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रमुख वक्ताओं में— संजीव सान्याल (अर्थशास्त्री एवं लेखक), पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा (कवि, लेखक एवं हास्यकार), पद्मश्री ज्ञान चतुर्वेदी (कवि एवं व्यंग्यकार), आलोक श्रीवास्तव (कवि एवं लेखक), मीर रंजन नेगी (भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर), विवेक चतुर्वेदी (कवि एवं लेखक), राजेश कुमार, निदेशक आईसीएचआर (इतिहासकार) रविंद्र कुमार शर्मा, विभागाध्यक्ष, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (इतिहासकार), जेरी पिंटो (साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखक), सुश्री रुबीका लियाकत (पत्रकार), रज़ा काज़मी (पर्यावरणविद्) वक्ता के रूप में शामिल होंगे। गतिविधियाँ एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम तीन दिनों के दौरान विविध एवं रोचक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें— चंबल नदी सफारी (पक्षी अवलोकन एवं मगरमच्छ दर्शन), अफीम एवं क्विनोआ क्षेत्र का भ्रमण, सीतामऊ किले में विरासत भ्रमण, सीतामऊ किले एवं वेव्स क्लब बसई में सांस्कृतिक कार्यक्रम, शहनाई वादन, तबला वादन, जासु मंगानियार एवं समूह की प्रस्तुति, कबीर स्टूडियो (कबीर परिहार एवं समूह) द्वारा लाइव संगीत प्रस्तुति दी जाएगी। कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने जिलेवासियों, साहित्यप्रेमियों एवं पर्यटकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस तीन दिवसीय साहित्य महोत्सव में सहभागिता कर सीतामऊ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत का अनुभव करें।