मंदसौर । प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को "कृषि वर्ष" के रूप में मनाए जाने के उपलक्ष्य में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम जंबूरी मैदान, भोपाल में आयोजित किया गया, जिसका सीधा प्रसारण कृषि उपज मंडी, मंदसौर में किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संबोधन का सीधा प्रसारण बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों ने देखा एवं सुना।
इस अवसर पर सांसद सुधीर गुप्ता, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग के उप संचालक श्री रविंद्र मोदी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में किसान एवं पत्रकार उपस्थित रहे। सांसद सुधीर गुप्ता ने कृषि उपज मंडी, मंदसौर से कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कृषि रथ प्रतिदिन तीन ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेगा तथा एक माह की अवधि में विकासखंड की समस्त ग्राम पंचायतों तक पहुँचेगा। वर्ष 2026 को "कृषि वर्ष" के रूप में मनाए जाने के अंतर्गत कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों जैसे पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य पालन आदि में नवीन एवं वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुँचाने तथा किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के मध्य सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से जायद, खरीफ एवं रबी फसलों की बुआई से एक माह पूर्व प्रत्येक विकासखंड में एक-एक कृषि रथ संचालित किया जाएगा।
कृषि रथ के मुख्य आधार स्तंभ:-
जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का प्रचार-प्रसार, एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, विभागीय कृषि योजनाओं का प्रचार-प्रसार, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, ई-विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन, उर्वरक वितरण व्यवस्था, पराली प्रबंधन।
ग्राम स्तरीय गतिविधियाँ एवं तकनीकी दल:-
कृषि रथ के माध्यम से ग्राम स्तर पर विभिन्न गतिविधियाँ एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक कृषि रथ के साथ एक तकनीकी दल रहेगा, जिसमें कृषि विभाग के वर्ग-2 स्तर के एक अधिकारी को तकनीकी दल प्रभारी बनाया जाएगा। साथ ही दल में कृषि विज्ञान केंद्र/कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ एवं एक प्रगतिशील कृषक को भी शामिल किया जाएगा। कृषि रथ के ग्रामों में पहुँचने से 3–4 दिन पूर्व वातावरण निर्माण एवं व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
ऑनलाइन मॉनीटरिंग व्यवस्था:-
कृषि रथ की गतिविधियों की ऑनलाइन दैनिक मॉनीटरिंग के लिए विकासखंड स्तर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी तथा जिला स्तरricultural पर उप संचालक कृषि जिम्मेदार होंगे, जो प्रतिदिन फीडिंग के माध्यम से विभाग को जानकारी उपलब्ध कराएंगे।