नीमच । प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की मंशानुसार समृद्ध किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। सभी विभाग मुख्यमंत्री जी की मंशानुसार किसानों की आय बढ़ाने, किसानों की समृद्धता के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर उन पर कार्य करें। किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाब दिलाने की सुविधा मुहैया कराने का प्रयास करें। यह बात कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने गुरूवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में ए.पी.सी.समूह से जुडे विभागों के अधिकारियों की बैठक में कृषि एवं उससे सम्बद्ध विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की मासिक समीक्ष बैठक में कही।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर पराग जैन, कृषि वैज्ञानिक सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की समीक्षा में कलेक्टर ने निर्देश दिए, कि जिले में एक बगिया मां के नाम के तहत तैयार किए जा रही बगियाओं में उद्यानिकी विभाग, फलदार पौधे लगवाए। साथ ही जिले में इस साल 500 हेक्टेयर में नवीन फलदार पौधो के बगीचे तैयार करवाए। उद्यानिकी उपसंचालक ने अवगत कराया, कि एक बगियां मां के नाम के तहत पौधारोपण करने वाले हितग्राहियों के स्प्रींकलर एवं ड्रीप सिंचाई के लिए प्रकरण तैयार किए जा रहे है। कलेक्टर ने कुकडेश्वर क्षेत्र के पान उत्पादक किसानों के लिए नेटशेड के प्रकरण तैयार कर नेटशेड की सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए। पीएमएफएमई योजना की प्रगति की समीक्षा में बताया गया, कि जिले में इस वर्ष 122 के लक्ष्य विरूद्ध 116 हितग्राहियों के प्रकरण बैंकों द्वारा स्वीकृत किए गये है। कलेक्टर ने बैंको में प्रस्तुत सभी 130 प्रकरणों में स्वीकृति एंव वितरण 15 फरवरी तक करवाने के निर्देश भी दिए है।
नर्सरियों को विकसित करें बैठक में कलेक्टर ने नीमच, जावद एवं मनासा में शासकीय नर्सरियों को विकसित करने और उनमें एक-एक लाख पौधे तैयार करवाने के निर्देश दिए। साथ ही इन नर्सरियों में शेड निर्माण एवं नर्सरी में जलाशय निर्माण के प्रोजेक्ट तैयार कर, प्रस्तुत करने के निर्देश भी उद्यानिकी विभाग को दिए। जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है उर्वरक बैठक में बताया गया, कि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक की उपलब्धता है। दो रैंक यूरिया की नीमच में लग गई है। खाद की कही कोई कमी नहीं है। बैठक में कलेक्टर ने रतनगढ़ व रामपुरा में उर्वरक के डबल लॉक सेक्टर स्थापित करने की व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए है। साथ ही उन्होने सहकारी समितियों के डिफाल्टर किसानों को भी डिफाल्टर से बाहर लाने का प्रयास करने और उन्हें सहकारी समितियों से सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश सहकारिता एवं जि.के.सहकारी बैंक क अधिकारियों को दिए है। नरवाई का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करें कृषि विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए, कि किसानों को आगामी सीजन के पूर्व अभी से नरवाई का बेहतर प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया जाए। जिससे, कि नरवाई जलाने की एक भी घटना जिले में ना हो।
किसानों को बायो डी कम्पोजर का उपयोग कर, नरवाई का प्रबंधन करने के लिए प्रेरित करें। उन्होने सभी अधिकारियों से नरवाई प्रबंधन पर अभी से विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कड़कनाथ पालन को बढ़ावा दे बैठक में बताया गया, कि बेकयार्ड पालन योजना के तहत जिले में हितग्राहियों को मुर्गीपालन के प्रकरण बनाकर लाभांवित किया जा रहा है। कलेक्टर ने पशुपालन उप संचालक को निर्देश दिए, कि वे कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गी पालन को बढ़ावा दे। हितग्राहियों के कड़कनाथ पालन के प्रोजेक्ट तैयार कर लाभांवित करवाए। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि को किसानों को विभिन्न योजनाओं में लंबित देयकों का अविलंब भुगतान करवाने के निर्देश भी दिए। बैठक में कृषि, सहकारिता, दुग्ध संघ, उद्यानिकी, पशुपालन, आत्मा, डेयरी विकास सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।