इंस्पेक्टर राजावत ने अंधविश्वास पर बनाई फ़िल्म सागवान देशभर में 16 जनवरी को होगी रिलीज
नीमच। राजस्थान पुलिस के इंस्पेक्टर हिमांशु राजावत ने अपने सेवाकाल के दौरान प्रतापगढ सहित अन्य क्षेत्र में अंधविश्वास की जंजीरों से जकडते हुए कई मामलों की बारिकी से जांच पड़ताल की और अंधविश्वास पर किस तरह से जघन्य अपराध घटित होते है। 21 वीं सदी में आज भी समाज में अंधविश्वास की जगह है, इस अंधविश्वास को खत्म करने के लिए रोमांच, संस्पेस और मारधाड़ से भरपूर 'सागवान' फिल्म बनाई है, जो 16 जनवरी 2026 को देश के लगभग 7 राज्यों के सिनेमाघरों में रिलिज होगी, खास बात यह है कि राजस्थान के आईपीएस अफसर दिनेश एम.एन. (Dinesh M.N.) के साथ 7 साल तक इंस्पेक्टर हिमांशु राजावत एक केस में गुजरात की साबरमती जेल में रहे है, वे 'रियल सिंघम' दिनेश एम. एन. को आदर्श मानते है और इस सागवान मूवी में अंधविश्वास के चक्कर में देश में हो रहे अपराधों पर कडा प्रहार करने का प्रयास उन्होंने किया है, मध्यप्रदेश के नीमच के लायंस डेन पर स्वर्गीय श्री कश्मीरीलाल जी अरोरा की स्मृति में आयोजित हो रही बैंडमिंटन प्रतियोगिता में मुख्य अथिति आए फिल्म के निर्माता हिमांशु राजावत ने मंगलवार को मीडिया से रूबरू हुए, समाजसेवी श्री अशोक अरोरा गंगानगर ने फिल्म निर्माता और इंस्पेक्टर राजावत का स्वागत किया, उन्होंने प्रदेशभर के बैंडमिंटन खिलाडियों से भेंट की और उनकी हौसला आफजाई की। सागवान फिल्म की कहानी जमीनी सच्चाई से जुड़ी है साल 2019 में राजस्थान के सागवान जंगलों के बीच अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर मासूम बच्चियों के साथ हुई रोंगटे खड़े कर देने वाली दर्दनाक सत्य घटना अब बड़े पर्दे पर नजर आने वाली है, आगामी 16 जनवरी को रिलीज होने जा रही इसी चर्चित फिल्म 'सागवान' के प्रमोशन के लिए बुधवार को फिल्म के लेखक, निर्देशक और मुख्य अभिनेता हिमांशु सिंह राजावत नीमच पहुंचे, स्थानीय स्तर पर मीडिया से रूबरू होते हुए राजावत ने फिल्म के निर्माण और इसकी चुनौतीपूर्ण कहानी को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की, उदयपुर सीआईडी क्राइम ब्रांच में पदस्थ इंस्पेक्टर हिमांशु सिंह राजावत ने बताया कि फिल्म 'सागवान' किसी काल्पनिक कहानी पर नहीं, बल्कि एक ऐसी हकीकत है जिसका इन्वेस्टिगेशन उन्होंने खुद किया था। उन्होंने बताया कि किस तरह अंधविश्वास के कारण मासूमों की बलि चढ़ा दी जाती है, इसी सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने और लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने इस फिल्म का निर्माण किया है। अक्सर फिल्मों में पुलिस की कार्यप्रणाली को हकीकत से दूर ग्लैमरस तरीके से दिखाया जाता है, लेकिन इस फिल्म में दर्शकों को पुलिस का असली चेहरा, उनके विभाग का संघर्ष और एक जटिल तफ्तीश की बारीकियां देखने को मिलेंगी। रियल हीरो श्री राजावत ने बताया कि फिल्म की शूटिंग पूरी तरह से दक्षिण राजस्थान और मालवा के सागवान जंगलों व वास्तविक लोकेशन पर की गई है ताकि कहानी का प्रभाव कम न हो। इस फिल्म में सयाजी शिंदे, मिलिंद गुणाजी और एहसान खान जैसे नामी कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। सांवलिया एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी यह पूरी तरह से पारिवारिक और साफ-सुथरी फिल्म है, जो यह सोचने पर मजबूर करती है कि आज के आधुनिक दौर में भी अंधविश्वास किस कदर मासूमों की जान का दुश्मन बना हुआ हे।