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हाईकोर्ट ने की तल्ख़ टिप्पणी, कहा- इंदौर की छवि को देशभर में हुआ नुकसान, मुख्य सचिव को किया तलब

Neemuch headlines January 8, 2026, 6:57 pm Technology

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले पर एमपी हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई है और कड़ा रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन, नगर निगम और राज्य सरकार के रवैये पर तल्ख़ टिप्पणी की है, हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए सरकार के जवाब पर हैरानी जताई और उसे असंवेदनशील कहा, अदालत ने कहा इस घटना ने इंदौर शहर की छवि को देशभर में नुकसान पहुंचाया है।

दूषित पानी के मामलों को लेकर दायर की गई याचिकाओं पर हाई कोर्ट ने आज मंगलवार को एक साथ सुनवाई की, याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इंदौर भारत में स्वच्छता में नंबर वन है और उसी इंदौर में इस तरह की घटना होना चौंकाने वाली बात है, अदालत ने इंदौर नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा पेश की उस स्टेटस रिपोर्ट पर भी नाराजगी जताई जिसमें मृतकों की संख्या को लेकर जानकारी दी गई थी। भागीरथपुरा में दूषित पानी बनता जा रहा आफत, सैकड़ों लोग बीमार, कई ICU में भर्ती भागीरथपुरा में दूषित पानी बनता जा रहा आफत, सैकड़ों लोग बीमार, कई ICU में भर्ती साफ़ पानी जनता का मौलिक अधिकार स्टेटस रिपोर्ट पर कोर्ट ने कहा इस तरह की रिपोर्ट पेश करने से मामले की गंभीरता कहीं कम नहीं हो जाती, कोर्ट ने इसे लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई।

हाई कोर्ट ने कहा साफ़ पानी जनता का मौलिक अधिकार है और इससे किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जा सकता, प्रशासन की ये जिम्मेदारी है कि वो नागरिक को साफ पानी मुहैया कराये। अगली सुनवाई 15 जनवरी को, मुख्य सचिव तलब कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए कहा इस मामले में यदि जरुरत पड़ी तो भविष्य में दोषी अधिकारियों पर सिविल या फिर क्रिमिनल लायबिलिटी तय की जाएगी अदालत ने कहा यदि पीड़ितों को मुआवजा कम मिला है तो अदालत उसे भी देखेगी । मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव को तलब किया है, मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को निर्धारित की गई है।

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