गलत पोजीशन से सोने की वजह से सेहत पर होगा बड़ा असर, जानिए सोने का सही तरीका

Neemuch headlines March 16, 2025, 8:01 am Technology

दिनभर काम के स्ट्रेस और शारीरिक मेहनत के कारण थकान हो जाती है। ऐसे में रात के समय अपने बिस्तर पर लेटते ही मन को एक अलग खुशी मिलती है। कुछ लोगों का मानना है कि थकान के बाद नींद काफी अच्छी आती हैं।

हालांकि, एक खराब स्लीपिंग पॉजिशन से सेहत को नुकसान हो सकता है। ऐसे में यहां जानिए किस तरफ सोने से क्या होता है।

किस तरफ सोने से क्या होता है---

करवट लेकर सोना :-

करवट लेकर सोने से वायुमार्ग खुला रहता है, जिससे खर्राटों में कमी आती है और हल्के स्लीप एपनिया से राहत मिलती है। इसके अलावा बायीं करवट सोने से एसिड रिफ्लक्स और हार्टबर्न में मदद मिल सकती है, क्योंकि इससे फंसी हुई हवा बाहर निकलती है। इसी के साथ करवट लेकर सोने से गर्दन और पीठ का दर्द कम किया जा सकता है। प्रेगनेंसी के दौरान आंतरिक अंगों पर दबाव कम रखने और हेल्दी ब्लड फ्लो को बढ़ावा देने के लिए करवट लेकर सोना, खास तौर पर बायीं करवट लेकर सोने की सलाह दी जाती है।

पीठ के बल सोना :-

पीठ के बल सोने से रीढ़ की हड्डी का प्राकृतिक शेप बनाए रखने में मदद मिल सकती है, जिससे गर्दन और पीठ का दर्द कम हो सकता है। इससे रीढ़ और जोड़ों पर दबाव कम हो सकता है, जो पीठ दर्द या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी दूसरी समस्याओं वाले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। पीठ के बल सोने से खर्राटे और स्लीप एपनिया की समस्या और भी खराब हो सकती है क्योंकि इससे वायुमार्ग बंद हो सकता है। इसके अलावा हार्टबर्न और एसिड रिफ्लक्स की समस्या भी खराब हो सकती है।

पेट के बल सोना :-

पेट के बल सोने से रीढ़, गर्दन और पीठ पर दबाव पड़ सकता है, जिससे दर्द और अकड़न हो सकती है। पेट के बल सोने से अक्सर गर्दन मुड़ जाती है, जिससे गर्दन में दर्द और अकड़न हो सकती है। वहीं पेट के बल सोने से सांस लेना मुश्किल हो सकता है, खासकर सांस की समस्या वाले लोगों के लिए।

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